फतेहपुर। दंपती और किरायेदार छात्र को बदमाशों ने किस कद्र पीटा होगा, इसका अंदाजा घर में जगह-जगह फैला खून देखकर लगाया जा सकता है। वारदात का तरीका देखकर पुलिस का शक बावरिया गिरोह पर है।
खंभापुर इलाके में लूटपाट के दौरान बदमाशों ने सबसे पहले छात्र हिमांशू की पीटा। उसके सिर और माथे पर 12 घाव धारदार हथियार, लाठी व डंडे के लगे हैं। इन घावों पर 54 टांके लगाए गए हैं।
दुकान में गाढ़ा खून फैला हुआ मिला। घर के आंगन में सुमित्रा की चारपाई के नीचे खून बहा है। इसे देखकर पुलिस ने अंदाजा लगाया कि सुमित्रा पर सोते समय हमला हुआ। आंगन में सुमित्रा के फटे होठ का टुकड़ा और टूटा दांत पड़ा मिला।
सिर में भी कई घाव हैं। बेटी ने बताया कि बदमाशों ने पिता दिनेश के कान में डंडा मारा था, जिससे वह बेहोश होकर गिर पड़े थे। बदमाशों ने अटैची का लॉक आंगन में तोड़ा है। अटैची का हत्था यहां अलग पड़ा मिला। साफ है कि बदमाशों ने इत्मिनान से वारदात को अंजाम दिया।
अस्पताल में दर्ज किए बयान
सीओ सिटी दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि कोतवाली पुलिस और स्वॉट टीम ने कानपुर हैलट अस्पताल पहुंचकर घायल दिनेश और उसकी बेटी वैष्णवी के बयान दर्ज किए हैं। दिनेश ने नकदी और जेवर लूटने की तहरीर दी है।
फोरेंसिक टीम ने वारदात स्थल की एक घंटे तक छानबीन की। घर में खून लगे पैरों के निशान मिले हैं। उनकी जांच की गई। खून के नमूने लिए गए हैं। टीम घर की छत और आसपास तक बदमाशों के छोड़े गए सुरागों को खोजती रही। टीम सथरियांव नहर पुलिया तक पहुंची।
वैष्णवी बोली भाई को पूछ रहे थे बदमाश
दहलाने वाली वारदात से दंपती की बेटी वैष्णवी सहमी हुई दिखी। उसने बताया कि बदमाश भाई हिमांशू के बारे में पूछ रहे थे। इससे पुलिस ने अंदाजा लगाया कि बदमाशों को पूरे परिवार के जानकारी थी।
वह परिचित भी हो सकते हैं। हिमांशू अपने चाचा राकेश के साथ कानपुर में सागरपुरी नौबस्ता में रहता है। चाचा मौरंग, गिट्टी का कारोबार करते हैं।
नहीं मिला 112 नंबर पर फोन
लूटपाट के बाद छात्र हिमांशू किसी तरह घर के बाहर पहुंचा। उसका शोर सुनकर पड़ोस में रहने वाले राजू, सूर्यभान दीक्षित घर के बाहर आए। उन लोगों ने 112 नंबर पर कई बार फोन मिलाया, लेकिन किसी ने उठाया नहीं। इसके बाद चांदमारी चौकी इंचार्ज अरुण यादव को फोन किया गया।
सेवानिवृत्त शिक्षक हत्याकांड चर्चा में आया
चांदमारी चौकी क्षेत्र राधानगर चौकी क्षेत्र का पुराना हिस्सा है। कुछ माह पहले अस्थायी चौकी चांदमारी बनाई गई है। इन इलाकों में अक्सर चोरी की घटनाएं होती हैं। बावरिया गिरोह भी कई बार वारदातें कर चुका है।
इस साल पहली जनवरी को राधानगर कुल्फी मोहल्ले में सेवानिवृत्त शिक्षक बलबीर सिंह की हत्या कर बदमाशों ने डकैती डाली थी। करीब 16 लाख का माल लूट ले गए थे। इसी रात कई घरों में चोरियां हुई थीं। पुलिस छह माह बाद भी घटना का खुलासा नहीं कर सकी है। बस कंडक्टर के घर हुई वारदात ने शिक्षक हत्याकांड की याद ताजा करा दी।
घायल दिनेश कुमार सैनी। संवाद- फोटो : FATEHPUR
घायल हिमांशु। संवाद- फोटो : FATEHPUR