फोटो-25- लोक अदालत की फैमिली कोर्ट में बुजुर्ग दंपती एक दूसरे को माला पहनाते हुए। संवाद
- तीन साल पहले लगाई दी अर्जी
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। 68 साल के बुजुर्ग ने पत्नी से तीन साल पहले तलाक की अर्जी कोर्ट में दाखिल की। उस मामले को लेकर लोक अदालत की फैमिली कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट के जज ने दोनों बुजुर्ग के गिलेशिकवे दूर करके दंपती को मिला दिया।
राष्ट्रीय लोक अदालत के फैमली कोर्ट में करीब चालीस मामलों का निस्तारण हुआ। इसमें एक सबसे दिलचस्प मामला बुजुर्ग दंपती का आया। मामला तहसील बिंदकी के गांव किशुनीखेड़ा पोस्ट खदरा का है। गांव के निवासी ओमप्रकाश वर्मा(68) संयुक्त विकास आयुक्त के पद से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने अपने पूरे जीवन की जमा पूंजी से कानपुर में चार मंजिला घर बनवाया। मकान का एक हिस्सा एक परिवार को किराये पर दिया। उससे अपना और पत्नी का भरण पोषण कर रहे थे। मकान पत्नी शारदा वर्मा (65) के नाम था। पत्नी ने अपने इकलौते बेटे प्रशांत वर्मा के नाम पर मकान कर दिया। बेटे ने मकान बेच दिया और वह अपनी नौकरी में जयपुर चला गया।
मकान और किरायेदारी से भरण पोषण छिनना बुजुर्ग ओमप्रकाश को नागवार गुजरा। उन्होंने पत्नी शारदा को पूरे मामले में दोषी माना और दोनों में अनबन हो गई। ओम प्रकाश ने वर्ष 2020 मेेेें फैमली कोर्ट में तलाक का केस दर्ज करा दिया। बुजुर्ग अपने गांव में रहने लगे और पत्नी मायके चली गईं। तीन साल से चल रहा केस रविवार को लोक अदालत के समक्ष रखा गया। जज राजेश्वर शुक्ला ने मामले में सुलह कराकर दंपती के एक साथ घर भेजा।