इटावा। बिजली कर्मियों की गुरुवार रात 10 बजे से शुरू हुई 72 घंटे की हड़ताल का असर शहर से लेकर जिले के कई हिस्सों में दिखाई दिया। फाल्ट दुरुस्त न होने के कारण कई फीडरों से आपूर्ति बाधित रही। शहर के तिकोनिया से पक्की सराय तक उपभोक्ता हाई वोल्टेज से परेशान रहे। इससे घरों में बिजली उपकरण भी फुंक गए।
बिजली अधिकारी और कर्मियों की हड़ताल के चलते जिला प्रशासन ने जनपद के 56 फीडरों पर 200 लेखपालों व संग्रह अमीनों को नियुक्त किया है। इन्हें उपकेंद्रों पर ड्यूटी के दौरान पुलिस अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई है। लेकिन इन सबके बाद भी शहर के कालीबांह उपकेंद्र से संबद्घ छैराहा और ग्रामीण क्षेत्रों में लखना उपकेंद्र से जुड़े बसैया, बकेवर उपकेंद्र से जुड़े महेवा, महेवा उपकेंद्र से जुड़े अनंतराम फीडर से आपूर्ति बाधित रही।
उदी उपकेंद्र के फीडर कामेत व उदी उपकेंद्र के ग्रामीण फीडर बाहुरी, राजा का बाग फीडर, नगरिया सरावा उपकेंद्र के समथर और पृथ्वीपुर फीडर व ताखा उपकेंद्र के सरसई नावर फीडर से बिजली आपूर्ति शुक्रवार को चार से छह घंटे तक बाधित रही।
हालांकि जिलाधिकारी अवनीश राय व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने शुक्रवार को शहर में मैनपुरी फाटक स्थित कुनैरा बिजली घर समेत जिले के कई उपकेंद्रों का भी निरीक्षण किया। बावजूद इसके शहर में बिजली समस्या बरकरार रही। व्यापारी नेता आलोक दीक्षित के अनुसार, तिकोनिया स्थित ट्रांसफार्मर से गुरुवार की शाम से हाई वोल्टेज आने की वजह से तिकोनिया से पक्की सराय तक कई दुकानदारों के बिजली के उपकरण फुंक गए। पुराना शहर स्थित पचराहा क्षेत्र में फाल्ट की वजह से बिजली आपूर्ति बाधित रही।
जसवंतनगर में तहसील के कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे
जसवंतनगर। विद्युत उपकेंद्र कैस्त और तहसील के नजदीक सबडिवीजन पर तहसील प्रशासन ने जिन कर्मियों की ड्यूटी लगाई थी, वह काम पर पहुंचे ही नहीं। कैस्त के संविदा कर्मी के अनुसार, तहसील के जिन दो कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी, वह आए नहीं। इसी प्रकार तहसील के नजदीक ग्रामीण क्षेत्र के फीडर पर तैनात संविदा कर्मी ने बताया कि यहां भी तहसील के दोनों कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं आए।
हड़ताल पर डटे रहे बिजली कर्मचारी
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले हड़ताली बिजली अधिकारी व कर्मचारी अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर नारेबाजी करते रहे। समिति के संयोजक विवेक कुमार सिंह का कहना है कि उनकी 14 सूत्री मांगें हैं, जिन्हें समझौते के बाद भी क्रियान्वित नहीं किया जा रहा है। इस वजह से हड़ताल करने को बाध्य होना पड़ा है। धरना प्रदर्शन के दौरान जिले भर से आए बिजली अधिकारियों, कर्मचारियों के अलावा संविदा कर्मचारी भी शामिल रहे। इनमें गगन अग्निहोत्री, राजेंद्र सिंह, संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अमित कुमार आदि शामिल रहे।