मुआवजा और सूखा राहत को लेकर तहसीलदार ने मातहतों के साथ बैठक की। सभी राजस्व निरीक्षकों से रिपोर्ट ली गई। तहसीलदार ने निर्देशित किया है कि जिन गांवों के डिमांड रजिस्टर अधूरे हैं, उन्हें तीन दिन में पूरा कर लिए जाए। चेक भरने में गलतियां न की जाएं। 1500 रुपये से कम की धनराशि चेक में न दी जाए। तहसीलदार सुरेंद्रपाल विश्वकर्मा ने बताया कि सभी राजस्व निरीक्षकों और लेखपालों को कहा गया है कि मुआवजे से कोई किसान वंचित न रह जाए। उन्हाेंने बताया कि 10 जून तक 65 गांवों के किसानों को चेक वितरित कर दी जाएंगी। इस मौके पर राजस्व निरीक्षक महेंद्रनाथ त्रिपाठी, अमरपाल सिंह, शिवनारायण अगिभनहोत्री, बाबूलाल, अशोक मिश्रा आदि राजस्व निरीक्षक मौजूद रहे।