कलक्टगंज में मूतियों का रंगरोगन करके अंतिम रूप देते मूर्तिकार। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। कोविड काल के दो साल बाद शारदीय नवरात्र उल्लास के साथ मनाने की तैयारी शुरू हो गई है। पूजा समितियां पंडाल बनाने की तैयारी में जुट गई हैं। मूर्तिकार मां दुर्गा की नौ स्वरूप की मूर्तियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। इस बार मातारानी के पंडाल सजाना डेढ़ गुना महंगा हो गया है।
पटेल नगर दुर्गापूजा समिति के अध्यक्ष सोनू यादव बताते हैं कि इस बार देवी प्रतिमा के निर्माण में लगने वाली सामग्रियों की कीमत बढ़ गई हैं। पहले लाइट, साउंड, टेंट, बांस-बल्ली का 45 से 50 हजार रुपये में आता था, लेकिन इस बार 70 से 75 हजार रुपये का हो गया है। मूर्तिकार मंजीत ने बताया कि देवी मूर्तियों की कीमत में 20 से 30 फीसदी वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष दो फीट की जो पांच मूर्तियां चार हजार में मिलती थीं, वही इस बार छह हजार में और 11 फीट की प्रतिमाएं 12 से 13 हजार रुपये में मिल रही हैं। इसमें मां दुर्गा के अलावा लक्ष्मी, गणेश, कार्तिकेय व सरस्वती की मूर्तियां शामिल हैं। 11 फीट से ऊंची मूर्तियां ऑर्डर पर बनाई जा रही हैं।
मूर्तिकार मंजीत ने बताया कि मूर्ति बनाने में बांस का प्रयोग किया जाता है। यह बांस पहले 220 रुपये में एक पेड़ी मिलता था। अब तीन से साढ़े तीन सौ रुपये पेड़ी में मिल रहा। मूर्ति बनाने में देसी मिट्टी के साथ पांच अलग-अलग प्रकार की मिट्टी का प्रयोग होता है। सुतली व पुआल के दाम भी बढ़े हैं। प्रतिमाओं की रंगाई में इस्तेमाल होने वाले पेंट के साथ सजावट का का सामान व कपड़ों के दाम भी बढ़े हैं।