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Fatehpur News: कंधे में लादकर बच्चों को सीवर का नाला करते पार, तब नसीब होता निवाला

Sat, 27 May 2023 11:38 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
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फोटो-31-सीवर के पानी में घुसकर निकलते बच्चे व किसान। संवाद
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फोटो-32आर-कुछ इस तरह से निकलने को मजबूर हैं किसान। संवाद

- गंदे पानी में जान जोखिम डालकर खेतों तक पहुंचते किसान
- आजादी के बाद भी नहीं बन सका पुल
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर/हसवा। कंधे में बेटों को बैठाकर गंदे नाले में घुसकर खेतों तक पहुंचना और फसल काटकर फिर से उसी नाले में घुसकर घर लौटना किसानों की नियति बन गई है। संक्रमण के डर से बेखबर पिता बच्चों के निवालों के लिए रोज हालातों से लड़ते हैं। आजादी के इतने साल गुजरने के बाद भी किसानों के लिए एक पुल नहीं नसीब हो सका है।
विकास खंड हसवा के बिलंदा अतरहा मार्ग के किनारे गांव बुधइयापुर के बगल से एक गंदा नाला निकलता है। मलवां से निकलने वाला नाला गांव मिचकी के आगे निकलता है। इस नाले से पूरे शहर के सीवर का पानी निकलता है। जिस गंदे पानी के पास लोग खड़े होना पसंद नहीं करते हैं, उसी पानी से सैकड़ों किसान दिन में कई बार निकलने को मजबूर हैं। दरअसल, किसानों के खेत नाले के उस पार गांव चकमुगल और मदारीपुर हैं। उसी नाले से गुजरकर खेतों तक पहुंचना मजबूरी बन गई है। वहां दिन भर काम करके शाम को उसी रास्ते से घर लौटते हैं। यहां पर नाले के ऊपर पुल बनने से अतरहा, एकारी, बिलंदा, और चकमुगल चार गांवों के किसान लाभान्वित होंगे। अभी किसानों को नाला के चक्कर में हाईवे होकर 12 किलोमीटर घूम कर सामान अपने घर पहुंचाने के मजबूर हैं।
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किसान सीताराम पाल, देवराज पाल, रामप्रसाद, पारस मौर्य, भोला मौर्य, शिवपूजन पाल समेत अन्य ने कहा कि इस पुल के निर्माण से किसानों की दशकों की समस्या खत्म हो जाएगी। इस सीवर नाले में घुसने से अनेकों बीमारियों का ग्रामीण शिकार भी होते हैं। इसके बावजूद इसमें घुसकर आना-जाना मजबूरी बन गई है। कुछ बच्चे तो खुजली, दाने की बीमारी से जूझ रहे हैं। यहां पर नाले के ऊपर पुल निर्माण के लिए एकारी ग्राम प्रधान मंजू साहू ने केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति व जिलाधिकारी से मिलकर समस्या से अवगत कराया था। गुरुवार को जेई ड्रेनेज आशीष केसरवानी मौके पर जाकर स्थित को देखा। उन्होंने कहा कि जांच के बाद डीएम को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
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कोट
समस्या को लेकर ड्रेनेज विभाग को पत्र भेजा गया है । जेई मौके पर जाकर रिपोर्ट भेजेंगे । जिसके आधार पर आगे की रूपरेखा तय होगी। समस्याओं का निवारण किया जाएगा।
श्रुति, डीएम
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