गाजीपुर(फतेहपुर)। पिता के साथ मिलकर घर की गाड़ी चलाने के लिए सिलाई का काम करने वाली युवती संदिग्ध हालात में फांसी पर लटकी मिली। सोमवार शाम घर के बरामदे में उसका शव लटका देख परिवार वाले रो पड़े। होनहार बेटी की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। परिजनों ने समाचार लिखे जाने तक पुलिस को इत्तला नहीं दी है। एसओ का कहना है कि कारणों की तलाश की जाएगी।
थाना क्षेत्र के सुकेती गांव के हरी प्रसाद मेहनत मजदूरी कर आधा दर्जन सदस्यों का भरण पोषण करते हैं। घर में बड़ी बेटी अनीता देवी (17) कई साल से खर्च उठाने में भागीदार बनने को गांव में सड़क किनारे एक सिलाई की दुकान में काम करती थी। वह सुबह खाना खाकर घर से दुकान को निकल आई थी। परिवार के लोग खेत पर पानी लगाने चले गए थे। शाम चार बजे के आसपास अनीता दुकान से घर जाने को कहकर निकली। लगभग पांच बजे हरी प्रसाद बीवी और बच्चों के साथ घर लौटे। मुख्य दरवाजा खोलकर अंदर पहुंचे तो बरामदे का नजारा देख चीख निकल गई। अनीता ने फांसी लगा ली थी और उसकी मौत हो चुकी थी। पिता ने बताया कि अनीता उनका बड़ा सहारा थी। सिलाई के काम में जो पैसा मिलता था, उसे घर खर्च को दे देती थी। पता नहीं उनके घर पर किसकी नजर लग गई। उधर, मामले के करीब तीन घंटे का वक्त गुजरने के बावजूद इसकी जानकारी पुलिस को नहीं है। थानेदार सुभाष सिंह यादव ने बताया जानकारी मिली है। हलका पुलिस को लगाया गया है। पता किया जाएगा कि मामला आत्महत्या का है या फिर कुछ दूसरा।