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गला रेतकर युवक की हत्या, फेंकी लाश

Fri, 20 Apr 2018 11:24 PM IST
fathehpur
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इन कपड़ों में लपेटकर फेंका शव - फोटो : amarujala
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धाता। कस्बे से कौशांबी जिले के नारा इलाके वाली रोड पर शुक्रवार सुबह पुलिया के पास सरपत किनारे एक मुस्लिम युवक का शव मिला। गले में धारदार निशान से अनुमान लगाया गया कि उसे गला रेतकर मारने के बाद यहां लाकर फेंक दिया गया है। पुलिस कौशांबी जिले में गुमशुदा की रिपोर्ट खंगाल रही है।  
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धाता थाना क्षेत्र के भेदपुर रमपुरवा के पास सूखी नहर पुलिया के समीप ग्रामीणों ने सुबह युवक(25) का शव देखा। गले में धारदार वार के निशान थे। ग्रामीणों में सनसनी फैल गई। इलाके के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने देखा तो शरीर पर कत्थई रंग के अंडरवियर के अलावा कोई कपड़े नहीं थे। मोटी साडिय़ों को सिलकर तैयार किए दो बिछौने से शव को लपेटा गया था। गला धारदार हथियार से रेता था। एक कान कटा है। बाकी शरीर में कोई चोट नहीं दिखी। पुलिस की जांच में युवक मुस्लिम धर्म का होना मालूम पड़ा। बिछौने में खून सूख चुका था। सूचना पर सीओ श्रीपाल यादव व प्रभारी थानाध्यक्ष दिनेश कु मार ने आसपास के लोगों से शव की पहचान कराने की कोशिश की। इलाकाई लोगों ने पहचानने से इंकार किया। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवा दिया है। सीओ ने बताया कि कौशांबी के सैनी, मंझनपुर, पश्चिम शरीरा, महेवा घाट, नारा  के थानो में फोटो भेजी गई है। घटनास्थल से नारा रोड कौशांबी का मार्ग जुड़ा है। युवक के कौशांबी का होने की संभावना है। शव में अकड़न आ गई है। हत्या करीब दस घंटे पहले गुरुवार रात की होगी।  

बिछौने के सहारे हत्यारों तक पहुंचेगी पुलिस
फतेहपुर। धाता थाना क्षेत्र में बेरहमीपूर्वक हत्या के बाद फेंकी लाश का पर्दाफाश फिलहाल जिला पुलिस की जिम्मेदारी में है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। घटनास्थल से मिला बिछौना पुलिस के लिए बड़ा सुराग हो सकता है।  
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भेदपुर गांव से कौशांबी जिले की सीमा पांच किलोमीटर के आसपास है। हत्यारोपी कौशांबी के आसपास थाना क्षेत्र के हो सकते हैं। अंडरवियर को छोड़कर शरीर पर कपड़े नहीं ह, जिससे आपत्तिजनक हालत में युवक के पकड़े जाने की पुलिस भी संभावना मान रही है। उसका मानना है कि दूसरी वजह से हत्या की गई होती तो उसके कपड़े सलामत रहते। पहचान न हो सके इसके लिए हत्यारे उसके कपड़ों से मोबाइल, पर्स, पहचान पत्र जैसी चीजें गायब कर देते पर कपड़े उतारने में वक्त बर्बाद न करने की सूझती। बिछौना उसी घर का हो सकता है, जहां हत्या की गई। अक्सर लोग बिछौने को धोने, सुखाने के लिए घरों के बाहर लटका देते हैं। इलाके के आने जाने वाले घरेलू कपड़ों का रंग पहचानते हैं। पुलिस को लाश के साथ बरामद बिछौने हत्यारोपी तक पहुंचने का अहम सुराग साबित हो सकते हैं। 
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