फतेहपुर। कोतवाल के हमराह सिपाही की मौत के मामले ने सोमवार को तूल पकड़ लिया। नवागत एसपी ने सड़क हादसे में सिपाही की मौत की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम में नहीं देने पर कोतवाल महेश पांडेय को सस्पेंड कर दिया। कुछ अन्य पुलिसकर्मियों पर भी गाज गिरने की संभावना है। घटनास्थल की जानकारी के लिए सिपाही के रक्त की डीएनए टेस्ट कराया गया है। हाईवे पर मिले खून के नमूने भी लिए गए हैं। एसपी ने पूरी जांच अपर पुलिस अधीक्षक को सौंपी है।
कन्नौज जिले के गुरसहायगंज थाना क्षेत्र के भुरजानी गांव निवासी सिपाही बैजनाथ यादव की सड़क हादसे में रविवार रात मौत हो गई थी। वह कोतवाल के हमराह थे। पुलिस ने साथी सिपाही अजीत की तहरीर पर एफआईआर में घटनास्थल ज्वालागंज ठाकुर दरियांव सिंह मूर्ति के पास दिखाया था। पोस्टमार्टम हाउस में बैजनाथ के परिजन कोतवाल पर प्रताड़ित करने और हत्या करने का आरोप लगा रहे थे। हालांकि तहरीर न देने से उनकी ओर से कोई एफआईआर नहीं हुई। सोमवार को घटनास्थल संदिग्ध होने का मामला तूल पकड़ने पर एसपी उमेश कुमार सिंह ने जांच बैठा दी। सीओ सिटी समर बहादुर को फोरेंसिक टीम के साथ भिटौरा बाईपास सब्जी मंडी भेजा। हाईवे पर पड़े धब्बों का सैंपल लिया, जिसमें प्रथम दृष्टया खून होने की पुष्टि हुई है। बता दें कि रात में उस जगह पर जांच के लिए कोतवाल भी गए थे। उन्होंने अपने बयान में सूखे दागों को खड़े वाहन का तेल चूने की बात अफसरों को बताई थी। घटना के बाद जिला कं ट्रोल रूम और सिटी कंट्रोल रूम में सूचना नहीं दी। इस लापरवाही पर कोतवाल को सस्पेंड कर दिया गया। एसपी ने बताया कि मामले के हर पहलू पर जांच कराई जाएगी। डीएनए रिपोर्ट और सिपाही के परिजनों का डीएनए एवं घटनास्थल पर मिले रक्त के नमूने का मिलान कराए जाएगा, जिसके बाद घटनास्थल साफ हो सकेगा। जो भी दोषी पाए जाएंगे उन सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी।