स्वामी विज्ञानानंद ने शनिवार को नोन नदी को पुनर्जीवित करने की मुहिम छेड़ी। पहले बैठक कर रणनीति बनाई, फिर पदयात्रा कर लोगों को जागरूक किया। गौरी गांव में पदयात्रा का समापन हुआ।
यमुना नदी के तटवर्ती गांव रिठवां गांव में स्वामी विज्ञानानंद ने कहा कि जल संचय करने का संकल्प हम सभी को लेना होगा। पानी की कमी से अमौली ब्लाक डार्कजोन घोषित हो गया है। बिजौली-सिजौली माइनर में 1990 से पानी आना बंद हो गया है। नहर का पानी सालेपुर गांव तक आता था। इससे किसान फसलों की सिंचाई करते थे।
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दूसरी ओर नोन नदी में रामगंगा नहर से पानी छोड़ा जाता था। इससे क्षेत्र में पानी का जलस्तर ऊपर था। अब नदी और नहर में पानी नहीं आता है। इससे जलस्तर नीचे चला गया है। ब्लाक क्षेत्र को डार्कजोन मुक्त करने के लिए पानी का संचय करना होगा।
इसके लिए तालाब, नदी में पानी को रोका जाए। उन्होंने बताया कि 20 दिन तक पद यात्रा कर लोगों को जागरूक किया जाएगा। इस मौके पर मवई धाम के स्वामी सिद्ध स्वरूप, अरविंद सिंह प्रधान सिकंदरपुर, रामशंकर धाना, दयाराम द्विवेदी भी मौजूद रहे।