गाजीपुर थानाक्षेत्र के देवलान गांव में रामरूप की
हत्या आशनाई के चक्कर में हुई थी। पुलिस का दावा है कि दो सगे भाइयों ने
मिलकर वारदात को अंजाम दिया। एक ने गोली मारी तो दूसरे ने लाठी से पीटा और
तो और गुस्सा इतना था कि उसके तड़पते समय एक भाई ने आंख में निशाना कर गोली
मार दी। इसके बाद दोनों फरार हो गए थे। दरअसल महिला इन्हीं के परिवार से
जुड़ी है। एक भाई को गिरफ्तार कर क्राइम ब्रांच और थाने की पुलिस टीम ने
हत्याकांड का खुलासा किया। पुलिस ने दो तमंचे भी बरामद कर लिए हैं, वहीं
दूसरे भाई की तलाश में दबिश डाली जा रही है।
बता दें कि देवलान गांव
निवासी रामरूप यादव (30) की मंगलवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शव
को नन्हे तिवारी के खेत में फेंक दिया गया था। रामरूप के भाई सूबेदार ने
गांव के राजू, देवराज, सुंदे यादव और लाला यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई
थी। इनसे पहले भी मारपीट और धमकी देने की के बाद कहासुनी हो चुकी थी।
सूबेदार का आरोप था कि उसके भाई की पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने हत्या
की है। सूबेदार की बात पर विश्वास कर क्राइम ब्रांच और थाने की पुलिस ने
तथ्य जुटाए और वजह सही निकली। गुरुवार को पुलिस लाइन में एसपी कलानिधि
नैथानी ने घटना का खुलासा किया और सुंदे यादव को गिरफ्तार किया।
उन्होंने
बताया कि अविवाहित रामरूप का गांव की एक महिला से प्रेम संबंध था। महिला का
पति दूसरे प्रांत में नौकरी करता है। इस बात को लेकर महिला के परिवार से
जुड़े सुंदे यादव ने रामरूप को कई बार मना किया लेकिन वह नहीं माना। कुछ
माह पहले इसी बात पर विवाद भी हुआ था। इसके बाद रामरूप अपने काम पर सूरत
चला गया था।
मकर संक्रांति पर्व पर रामरूप गांव आया था, तभी से सुंदे उसकी
हत्या करने की फिराक में था। गांव में मंगलवार रात घर में छठी थी। घर में
नाच गाना डीजे में चल रहा था। रात करीब दस बजे रामरूप कार्यक्रम से
रिश्तेदार राम सिंह के साथ निकला। रिश्तेदार लम्हेटा गांव चला गया वह
शौचक्रिया के लिए जंगल में पहुंचा।
पहले से घात लगाए बैठे सुंदे और लाला
यादव ने रामरूप को दबोच लिया। पीपल के पेड़ के पास दोनों में हाथापाई हुई।
सुंदे ने रामरूप को गोली मार दी और लाला ने लाठी से पीटा। शव को नन्हे के
खेत में फेंक कर दोनों फरार हो गए।
एसपी ने बताया कि आरोपी सुंदे यादव को
औगासी थाना गाजीपुर के पास से गुरुवार सुबह गिरफ्तार किया गया। आरोपी की
निशानदेही पर गांव में छिपाकर रखे दो तमंचे और कारतूस के खोखे बरामद किए
गए। एसपी ने क्राइम ब्रांच और एसओ श्रवण कुमार सिंह की टीम को पांच हजार का
ईनाम दिया है। वहीं राजू और देवराज के खिलाफ भी पुलिस जांच क र रही है।