मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डॉ. डीवाई चंद्रचूड़
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फतेहपुर। एक किशोरी को बहला फुसलाकर अपने साथ ले जाने और बलात्कार करने पर मुजरिम को अदालत ने सात वर्ष कै द की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अभियुक्त के खिलाफ 21 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह घटना पांच मई 2011 को असोथर थाना क्षेत्र के बेर्रांव मोड़ के पास की है। कक्षा 11 में पढ़ने वाली एक किशोरी गाजीपुर स्थित एक इंटर कालेज से पढ़कर अपने गांव जा रही थी। जैसे ही वह बस से बेर्रांव मोड़ में उतरी तो सुशील तिवारी निवासी बेर्रांव उसे बहला फुसलाकर अपने साथ पंजाब ले गया और बलात्कार किया।
करीब दो महीने वह किशोरी के साथ राजीनामा करवाने के लिए जनपद आया था लेकिन परिजनों के देख लेने पर वह किशोरी को छोड़कर भाग गया। परिजनों ने सुशील के खिलाफ असोथर थाने में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई। फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक संगीता शर्मा ने मामले की सुनवाई की। शासकीय अधिवक्ता सहदेव गुप्ता ने आरोपी के खिलाफ सबूत और दलीलें पेश की। कोर्ट ने मुल्जिम को दोषी मानते हुए सात साल की सजा और 21 हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई है।