पोस्टमार्टम हाउस पर रोती बिलखती मां को समझाता छोटा बेटा।
प्रेमिका और उसके घरवाले शादी के लिए तैयार नहीं हुए तो कांशीराम कालोनी के तिलक उर्फ पारुल ने शनिवार शाम ट्रेन से कटकर जान दे दी। यहां पुलिस की निष्ठुर संवेदना देखने को मिली। बदहवास परिजन कार्रवाई के लिए दो थानों के चक्कर काटते रहे। तब जाकर उनकी सुनवाई हुई।
पारुल (25) अस्ती स्थित कांशीराम कालोनी में अपनी मां सुनीता के साथ रहता था। उसके पिता भोलानाथ की कई साल पहले मौत हो चुकी है। पारुल मजदूरी करता था। वहीं उसकी मां घरों में बर्तन साफ करने जाती है।
सुनीता ने बताया कि इलाके की एक युवती से उसके बेटे का एक साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। जब युवती के घरवालों को इसका पता चला तो वे विरोध करने लगे। बेटा उसी युवती से शादी की बात पर अड़ा था। उसे लगा अब शादी नहीं होगी तो उसने शनिवार को युवती से फिर मुलाकात।
इस पर उसने शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद बेटे ने ट्रेन के कूदकर जान दे दी। सूचना पर वह मौके पर पहुंची। पारुल के भाई कल्लू का आरोप है कि खुदकुशी नहीं उसके भाई की हत्या की गई है। कोतवाल आरके पांडेय का कहना है कि मामला आत्महत्या का लग रहा है। विवेचना में यदि ऐसी कोई बात उजागर होती है तो रिपोर्ट को तरमीम कर कार्रवाई की जाएगी।