कानपुर। भौंती हाइवे पर मंगलवार दोपहर 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बाइक पर स्टंट कर रहा छात्र हादसे का शिकार हो गया। हाईवे पर तेज रफ्तार बाइक के दोनों हैंडिल छोड़कर जैसे ही छात्र ने दोनों हाथ हवा में उठाए तभी उसकी बाइक डिवाइडर से टकरा गई। बाइक के साथ छात्र कई मीटर दूर तक घिसटता चला गया। डिवाइडर पर सिर टकराने से छात्र लहूलुहान हो गया। हेलमेट न होने से उसके सिर पर गंभीर चोट आ गई। पनकी पुलिस घायल छात्र को हैलट ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
फतेहपुर के बनियाखेड़ा निवासी निशांत के पिता अमर दुबे किसान हैं। उनकी पत्नी शिला दुबेे दो बेटों निशांत व रचित की पढ़ाई के लिए बर्रा के एक घर में किराये पर रहती हैं। परिजनों के मुताबिक निशांत एक निजी स्कूल में इंटर का छात्र था। मंगलवार सुबह वह बिना बताए यशोदानगर निवासी बहनोई प्रभात तिवारी की बाइक लेकर सचेंडी के कटरा घनश्याम स्थित नानी के घर गया था। ननिहाल से लौटते वक्त वह भौंती हाइवे से गुजरा। पुलिस के मुताबिक इस दौरान उसकी बाइक की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास होगी। अचानक निशांत ने बाइक के दोनों हैंडिल छोड़कर खुशी में चीखना शुरू कर दिया। इस बीच उसकी बाइक डिवाइडर से टकरा गई। कई मीटर दूर तक वह और बाइक घिसटती चली गई। पुलिस लहूलुहान छात्र को हैलट ले गई जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने परिजनों को सूचना देकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जान के दुश्मन ये स्टंट
बाइकर्स ने हर स्टंट को नाम दे रखे हैं। पहिया हवा में उठाकर बाइक दौड़ाने को व्हीली कहते हैं। अचानक ब्रेक मारकर बाइक का पिछला पहिया हवा में उठाने को स्टंट स्टॉपी कहते हैं। बाइक को सीधा कर उसकी टेल को जमीन के पास लाने को टेल ग्राफ कहा जाता है। दोनों पैर एक तरफ करके बाइक चलाने के स्टंट को नैक-नैक कहा जाता है। व्हीली में ही सिट डाउन और स्टैंड अप स्टंट होते हैं।
अभिभावक ध्यान दें
-18 वर्ष से कम उम्र के किशोरों को बाइक न दिलाएं
- रेसिंग बाइक की जिद किसी भी कीमत पर पूरी न करें
- हेलमेट पहनने के साथ-साथ ट्रैफिक नियमों का पालन सिखाएं
- तेज रफ्तार वाहन चलाने के खतरे समझाएं
- टीवी पर स्टंट वाले शो के दुष्परिणाम बताएं
ये हैं स्टंट के स्पॉट
- गंगा बैराज पुल
- वीआईपी रोड़
- मरे कंपनी पुल
- नरौना चौराहा