मलवां में रविवार की रात सर्राफ की दुकान का शटर
तोड़कर दो लाख रुपये के जेवर चुरा लिए गए। दुकानदार ने थाने में तहरीर दी
है। पुलिस तफ्तीश कर ही रही थी कि एक दंपति थाने में आए और उन्होंने सर्राफ
पर चोरी का माल खरीदने का आरोप लगा दिया। पुलिस के शक की सूई घूमी और अब
पुलिस का दावा है कि मामला चोरी का नहीं बल्कि चोरी के जेवर खरीदने के बाद
तूल पकड़ने से बचने का है। घटना के बाद से इलाके में सनसनी है और लोगों के
बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
यह मामला कुंवरपुर के सर्राफ राजीव
वर्मा से जुड़ा है। उन्होंने सोमवार को थाने में तहरीर दी कि उनकी दुकान का
शटर तोड़कर दो लाख रुपये के जेवर चुरा लिए गए हैं।
दूसरी ओर मलवां थाना
क्षेत्र के उमरगहना निवासी राम सिंह अपनी पत्नी के साथ थाने जा पहुंचे और
सर्राफ पर चोरी का माल खरीदने का आरोप लगाया। इससे पुलिस सन्न रह गई।
मलवां
एसओ ज्ञान सिंह ने बताया कि अब तक की जांच में यह सामने आया है कि राम
सिंह के पुत्र मुकेश पटेल ने तीन महीने पहले घर के कुछ जेवरात चुपके से
किसी कारणवश पनई व कुंवरपुर में सर्राफ की दुकान पर बेच दिए थे।
रविवार
को राम सिंह की पत्नी कुंवरपुर के सर्राफ राजीव वर्मा की दुकान पर कुछ
सामान खरीदने गई थीं। उनकी निगाह घर से गायब जेवरों में शामिल एक सोने की
लाकेट व चेन पर पड़ गई।
बहाने से उन्होंने देखा और पहचान लिया। जब उन्होंने
लाकेट अपना बताया तो सर्राफ से विवाद हो गया। इधर, राम सिंह ने मोबाइल से
फोन कर सर्राफ से चोरी के जेवरात खरीदने का विरोध जताकर वापस करने की बात
कही।
सर्राफ ने सोमवार को 100 नंबर पर दुकान में चोरी होने की सूचना
पुलिस को दी। यह दोनों घटनाक्रम एक-दूसरे से मेल खा रहे हैं। इस वजह से
छानबीन गहराई से की जा रही है।
परिजनों के मुताबिक मुकेश पटेल ने घर का
मंगलसूत्र व तोड़िया बेच दिया था। चोरी के जेवरात खरीदने के मामले में खुद
को फंसता देख कर सर्राफ ने चोरी की तहरीर दी है।
दूसरी ओर सर्राफ राजीव
वर्मा का कहना है कि उनकी दुकान में चोरी हुई है, पुलिस उसे दूसरी दिशा
में मोड़कर अपनी जिम्मेदारी से बचना चाह रही है।