ट्रामा सेंटर में बेटी से लिपटकर रोती सिया सिंह
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फतेहपुर। शहर के जयराम नगर इलाके में बर्खास्त पुलिस कर्मी रामपाल (40) ने कुछ लोगों से झगड़े के बाद ड्रग का ओवरडोज लेकर खुदकुशी कर ली। हालत बिगड़ी देख परिजनों ने जिला अस्पताल पहुंचाया लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई।
रामपाल मूल रूप से सिकरोढ़ी थाना मलवां निवासी कालीचरण के बेटे थे। करीब पांच साल पहले मध्य प्रदेश पुलिस में सिपाही पद पर भर्ती हुए थे। उनकी तैनाती भोपाल में थी। पत्नी सिया सिंह ने बताया कि पति शराब और नशीली दवाओं का इंजेक्शन लेते थे।
जिससे नशे में आए दिन विवाद होता था। इसी वजह से पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिए गए थे। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के लिए शहर में किराए पर कमरा लिए थे। गृहस्थी का खर्च किसानी से चलता था।
नशे के कारण मकान मालिक के विरोध करने पर जयराम नगर में राधेश्याम के यहां किराए का कमरा ले लिया था। पति का रविवार को किसी से विवाद हुआ। वे झगड़ा करने के लिए घर से निकले थे।
इसके बाद लहूलुहान हालत में घर लौटे। पैंट में काफी खून लगा था। पति ने दाहिने हाथ में नशीली दवा का इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगाते ही हालत बिगड़ गई। एंबुलेंस को सूचना देकर बुलाया गया लेकिन जान नहीं बची।
राधानगर चौकी इंचार्ज कमलेश पाल ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों से यह जानने की कोशिश की जाएगी कि रामपाल के खुदकुशी की वजह कौन है।