फतेहपुर। थरियांव एनएच-टू पर बिलंदा बाईपास के समीप रविवार तड़के चार बजे ओवर टेक के चक्कर में रोडवेज बस और ट्राला में भिड़ंत हो गई। स्पीड के चलते बस के परखचे उड़ गए। परिचालक और एक महिला समेत तीन की मौत हो गई। करीब 15 घायलों को जिला अस्पताल भेजकर उनका इलाज कराया गया।
थरियांव में बिलंदा बाईपास के पास ढाबा से चंद कदम पहले यह घटना हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इलाहाबाद की तरफ से आ रही रोडवेज बस तेज आवाज के साथ ट्राला से जा भिड़ी। हादसा इतना भयानक था कि बस का एक तरफ का हिस्सा तो खुला ही भीतर की सीटें भी टूटकर उखड़ गईं। सवारियां एक-दूसरे के ऊपर गिरीं तो कई लोहे की रॉड व टिन की चद्दर से जा टकराए। किसी का हाथ टूटा, किसी का पैर तो किसी की पसलियां। लहूलुहान हालत में तमाम लोग कराह रहे थे। सूचना पर पुलिस, आसपास के लोग व एंबुलेंस पहुंची। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। परिचालक प्रभात कुमार (35), सदर कोतवाली अस्ती की शाइस्ता (26) और मलवां के बोधीखेड़ा निवासी श्रीराम (38) पुत्र राम औतार को मृत घोषित कर दिया गया। प्रभात कुमार बांदा जिले के तिंदवारी थाना क्षेत्र के जौहरपुर निवासी थे। शाइस्ता कानपुर जाजमऊ निवासी हनीफ की पत्नी थी। हादसे में शाइस्ता के परिवार के लोग भी घायल हुए।
दो साल पहले भी यहीं हुआ था हादसा
फतेहपुर। दो साल पहले भी इसी ढाबे के पास खड़े ट्रक में इलाहाबाद से आ रही रोडवेज बस घुस गई थी। उस हादसे में जिले के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कपिलदेव वाजपेयी, बस कंडक्टर सहित तीन लोगों की मौत हुई थी।