औंग (बिंदकी)। औंग थाना क्षेत्र के गांव करचलपुर के एक अविवाहित अधेड़ को धात जाने की बीमारी ठीक कराने का झांसा देकर उसकी नसबंदी करने के मामले में एफआईआर हो गई। इसमें आशा बहू व सफाईकर्मी को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने इनके खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है। गांव करचलपुर निवासी अधेड़ छग्गा के पुत्र ललटू ने दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा है कि वह धात रोग से पीड़ित था। तभी उसने मुन्नू शिव हरे की पत्नी आशा बहू मंजू देवी व चंद्रपाल के पुत्र सफाईकर्मी राजकुमार उर्फ गोरे से अपनी पीड़ा बताई जिसमें आरोप है कि इन दोनाें ने उसका इलाज कराने के लिए देवमई ले गए, यहां नसबंदी करने के लिए जब डाक्टर तैयार नहीं हुआ तो उसे सीएचसी बिंदकी लेकर आए। यहां उसे विवाहित के साथ दो पुत्र एक पुत्री होने की लिखापढ़ी डाक्टरों की मिलीभगत से कराकर उसकी नसबंदी 22 जुलाई को करा दिया। 27 जुलाई को पीड़ित के गुप्तांग से मवाद आने लगा। तब यह बात गांव में फैल गई, परिजनों को हकीकत मालूम होने पर उसे लेकर आशा बहू, सफाईकर्मी के घर गए। आरोप है कि दोनों ने उसे गाली गलौज कर भगा दिया। थानाध्यक्ष धमेंद्र कुमार ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज करके अभियुक्तों की तलाश शुरू कर दी गई है। उधर आशाबहू ने बताया कि दो हजार रुपये मिलने के लालच में अधेड़ ने खुद झूठ बोलकर अपनी नसबंदी कराई है।