वृद्धा के घर में पहुंचे रिश्तेदार।
- फोटो : अमर उजाला
हथगाम थाना के शुक्रवार को सूरजकली हत्याकांड के राज की पर्त दर पर्त खुलने की शुरूआत हो चुकी है। हत्या से पहले ही वृद्धा ने अपने एक रिश्तेदार को जान के खतरे का अंदेशा जताया था। उसके घर भी कई लोगों के आने जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने गांव के ही कुछ लोगों को उठाया है। पूछताछ में कोई ठोस तथ्य सामने नहीं आए हैं।
बता दें कि थाना क्षेत्र के चंपतपुर गांव में सूरजकली का शुक्रवार को ईंट से कूंचकर हत्यायुक्त शव घर से बरामद हुआ था। बेटे संतोष विश्वकर्मा की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। सूरजकली के घर में शनिवार को रिश्तेदारों की भीड़ लगी रही, उसके पलिया गांव से आए एक रिश्तेदार ने बताया कि वह पांच दिन पहले घर आई थी। उन्होंने अपनी जान का खतरा बताया था। वह आगे कुछ पूछता कि दूसरी बात होने लगी थी। इससे साफ है कि वृद्धा को जान खतरे में होने का आभास हो गया था, शायद इसी वजह से उसने अपने बेटे को भी बुलाया था।
कातिल इतना चालाक था कि बेटे के घर आने से पहले ही वृद्धा की हत्या कर दी। हत्याकांड की दिशा घुमाने वाला नया मोड़ भी आया है। गांव में तेजी से चर्चा है कि वृद्धा के पास कई लोगों का आना-जाना रहता था। आशंका जताई जा रही है कि मिलने जुलने वालों का ही हत्याकांड के पीछे हाथ हो सकता है।
गांव की गुटबाजी की भेंट चढ़ सकती है वृद्धा- चंपतपुर गांव में दो पक्षों के बीच गुटबाजी का माहौल है। दोनों पक्षों के बीच कई बार बवाल और हत्याएं तक हो चुकी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि गुटबाजी के चक्कर में वृद्धा की हत्या की जा सकती है। एक पक्ष के लोगों को भी फंसाने की जुगत हो सकती है।