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नहरखोर गांव में मदरसे का बोर्ड लगाने से दो पक्षों में तनाव

Tue, 21 Jun 2016 12:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर
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नहरखोर गांव में ग्रामीणों की लगी भीड़। - फोटो : अमर उजाला
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गाजीपुर (फतेहपुर)। गाजीपुर थाना क्षेत्र के नहरखोर गांव में सोमवार को ख्वाजा गरीब नवाज एजूकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी का बोर्ड लगाने के बाद दो पक्ष आमने-सामने आ गए। इस बीच भाजपा के कुछ नेता भी वहां पहुंच गए। तनाव बढ़ने की सूचना पर आई पुलिस ने जैसे तैसे मामला शांत कराया। पुलिस ने दोनों ही पक्ष के 53 लोगों के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की है। ख्वाजा गरीब नवाज एजूकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी ने शेखुल उलूम जामिया अरबिया मदरसा नहरखोर ख्वाजागंज का बोर्ड लगा दिया। बताया जाता है कि संस्था के लोगों ने अपनी जमीन पर बने कार्यालय के बाहर ही में कुछ दिन पहले लगाया था। ग्रामीणों को कुछ लोगों ने भड़का दिया कि यहां पर मदरसा बनने जा रहा है। इस पर ग्रामीण प्रधान शिवकरन सिंह के साथ वहां पर पहुंच गए। सोसाइटी का रजिस्ट्रेशन 29 मई 2021 तक मान्य है।
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विरोध में लोगों के जुटने की जानकारी मिलते ही संस्था पक्ष के भी लोग आ गए। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। एसओ अभय नारायण तिवारी मौके पर पहुंचे। एसओ से ग्रामीणों की झड़प हुई। पुलिस ने लाठियां पटक कर ग्रामीणों व महिलाओं को खदेड़ा। महिलाओं से पुलिस की नोकझोंक भी हुई। सीओ पुर्णेंदु सिंह के पहुंचने पर मामला शांत हो सका। सीओ ने मदरसे के  बोर्ड को हटवाया और नियमानुसार निर्माण कराने के निर्देश दिए। ग्रामीण महिलाओं ने एसओ पर अभद्रता करने का आरोप लगाया। सीओ ने बताया कि पुलिस ने मामला शांत कराने के लिए थोड़ी सख्ती की है। महिलाओं से अभद्रता नहीं की गई। अराजकता फैलाने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।
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