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बीमा रकम के लिए मां के हत्यारोपी भाइयों को जेल भेजा

Sat, 06 May 2017 12:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
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मृतका का भतीजा अरविंद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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थाना क्षेत्र के ठिठौरा गांव में शुक्रवार को सन्नाटा दिखा। रमेश सिंह के आवास पर कुछ लोग बैठे थे, जो उनके दोनों बेटों को कोस रहे थे। दोपहर में मृतका गुड्डी देवी के भाई उन्नाव जिले के परिंदा गांव निवासी होलीलाल भी ठिठौरा पहुंचे। उन्होंने बहनोई रमेश सिंह से गाली-गलौच की। उन पर भी हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है। इस संबंध में पुलिस को तहरीर भी दी है।  मृतका के भतीजे अरविंद ने बताया कि लल्ला सिंह के चार पुत्र जीवन, रमेश सिंह, प्रेम सिंह, राज कुमार हैं। इसमें प्रेम सिंह की शादी नहीं हुई थी। रमेश व जीवन की पैतृक भूमि 30 बीघे थी। रमेश अपने आरोपी पुत्रों के इशारे पर चलता था। पिता-पुत्र बारी-बारी से भूमि बेचकर रकम उड़ाते रहे। इस समय मात्र चार बीघे भूमि बची है।

‘मां को मारा, पुलिस तुम इन्हें मार डालो’
बांदा। मृतका गुड्डी का मानसिक रूप से कमजोर सबसे छोटा पुत्र सोनू रो-रोकर पुलिस से बार-बार यही कहता रहा कि ‘मां को मारा, पुलिस तुम इन्हें मार डालो’। छोटी बेटी पूनम उर्फ रोली ने बताया कि सोनू का ख्याल रखना जरूरी है। नहलाने-खाने आदि का सारा ध्यान मां ही रखती थी। वह भी मां को बहुत प्यार करता था। इसी बात को लेकर अमर और राहुल दोनों उसे चिढ़ाते थे तो वह उनसे गुस्सा हो जाता था। अब सोनू बगैर मां के बेचैन है। उसे नींद नहीं आ रही। गुरुवार की रात उसने पलक तक नहीं झपकी।
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पहले गला दबाकर मारने की चर्चा
बांदा। ग्रामीणों की मानें तो हत्यारोपी पुत्रों ने पहले मां का गला दबाकर हत्या की थी। दुर्घटना दर्शाने के लिए फिर कार चढ़ाई। चर्चा है कि बुधवार रात के अंधेरे में जौहरपुर के तिलका डेरा की तरफ जंगल में पेड़ों की आड़ में कार खड़ी थी। इसके बाद एक बाइक आई। कुछ देर शोरगुल के बाद खामोशी छा गई। कार और बाइक सवार दोनों मुख्य सड़क पर आ जाते हैं। ग्रामीणों की चर्चा के बाबत थानाध्यक्ष आनंद सिंह ने बताया कि  हो सकता है कि पहले गला दबाकर मारा हो। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ‘क्रैश इंजरी’ दुर्घटना में शव क्षत-विक्षत निकला है। फिर भी जांच हो रही है।


60 लाख में बेची थी जमीन
बीमा एजेंट लाल बहादुर के मुताबिक रमेश ने छह माह पहले आठ बीघे भूमि 60 लाख में बेचा था। गुड्डी का एक बीमा तीन लाख और दूसरा दो लाख का था। इसमें रमेश नामनी थे। जबकि 15 दिन पहले गुड्ड़ी का आठ लाख रुपये का बीमा दतौली के किसी एजेंट से कराया गया था। इसमें दोनों बेटे नामिनी बने। होरीलाल व अरविंद का आरोप है कि गुड्डी देवी के नाम कराए गए बीमा का क्लेम लेने के खातिर तीनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची है।
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बीमा क्लेम का नहीं होगा भुगतान
बिंदकी। भारतीय जीवन बीमा निगम शाखा फतेहपुर के डेवलपमेंट आफीसर हरिनारायन तिवारी का कहना है कि अभी तो बीमा कंपनी को पता ही नहीं है कि बीमा धारक की मौत हो चुकी है। वह पोस्टमार्टम रिपोर्ट व मृत्यु प्रमाण पत्र जमा होने पर ही मौत मानेगी। दुर्घटना के बाद नामिनी का अधिकार होता है कि वह क्लेम दाखिल करें। क्लेम होने पर विभागीय टीम वजह की जांच करेगी। यदि वजह में नामिनी ही हत्या का दोषी या साजिशकर्ता होता है तो बीमा कंपनी क्लेम नहीं देती।
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