सात दिन से लापता बालक का शव सोमवार को गांव के बाहर कुएं में उतराता मिला। परिवारीजनों ने एक हाथ पर रस्सी बंधी होने जैसा दाग और चेहरे पर घाव देख हत्या का शक जताया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मामला असोथर थाने के कौंडर ग्रामसभा के मजरे जानिकपुर का है। इसी थाना क्षेत्र के जमलामऊ गांव के मजरे गड़रइनडेरा निवासी अर्जुन पाल का ननिहाल जानिकपुर में है। वह कई साल से बीवी-बच्चों के साथ यहीं रह रहे हैं।
अर्जुन का इकलौता बेटा रवींद्र (9) छोटी बहन चंदावती के साथ 21 नवंबर को घर के दरवाजे पर खेल रहा था। अर्जुन ने बताया कि चंदा किसी काम से अंदर चली गई। लौट कर आई तो भाई नहीं था। उसने मां सत्यवती को बताया। परिवारीजनों ने नाते-रिश्तेदारी और आसपास रवींद्र को तलाशा, लेकिन वह नहीं मिला। 22 नवंबर को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। बकौल अर्जुन पुलिस ने उसके बेटे को तलाशने में रुचि नहीं दिखाई।
सोमवार सुबह सात बजे नित्यक्रिया के लिए गांव के बाहर गए लोगों को राम प्रताप सिंह के कुएं से उठती बदबू ने परेशान कर दिया। लोगों ने झांक कर देखा तो शव पड़ा था। जानकारी पाकर अर्जुन वहां पहुंचे। कपड़े से पहचान हुई। रवींद्र की लिाश सड़कर फूल चुकी थी। ग्रामीणों की मदद से शव बाहर निकाला गया। एसओ नरेंद्र कुमार पटेल ने बताया कि संदेह के आधार पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अभी तक किसी के खिलाफ तहरीर नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर काफी कुछ निर्भर करेगा। उसी के अनुरूप कार्रवाई होगी।