चौराहे पर शव रखकर पुलिस पर आक्रोश जताती भीड़
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निधि हत्याकांड में शुक्रवार को फिर हंगामा हुआ। शुक्रवार को चौक बाजार खुलने के वक्त चौराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया गया। नारेबाजी हुई। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग उठी। एफआईआर में आरोपियों के नाम बढ़ाने का भरोसा देने पर ढाई घंटे बाद जाम हट सका। इसके बाद शव को तब तक घर पर रोके रखा गया जब तक पुलिस ने कागजी कार्रवाई में नाम नहीं बढ़ा दिए।
बीएससी फाइनल की छात्रा निधि (19) पुत्री ओम प्रकाश उर्फ बबलू सोनी का शव पड़ोसी उमेश कुमार तिवारी के भूतल में गुरुवार को बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म और गला दबाकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया। उसके शरीर पर दर्जनों चोटाें के निशान भी मिले। परिजनों व इलाकाई लोगों में घटना के बाद ही पुलिस की कार्यशैली को लेकर आरोप लगाने लगे थे। संदिग्धों की धरपकड़ कर पुलिस छानबीन में जुटी थी। पूरी रात पोस्टमार्टम के बाद घर के बाहर परिजन शव को रखकर विलाप करते रहे। शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे लाश लेकर चौराहे पहुंच गए। चौराहे पर भीड़ ने जाम लगा दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। खबर मिलते ही सीओ सिटी समरबहादुर, कोतवाल दीपक पांडेय व सभी चौकियों का फोर्स पहुंचा।
मामला शांत न होने पर एएसपी आरके यादव, सीओ सर्वेश कुमार मिश्रा, एलआईयू, पीएसी, कई थानों का फोर्स पहुंचा। चौराहे को पुलिस ने छावनी में तब्दील कर दिया। इलाकाई लोगों के समझाने बुझाने पर किसी तरह से भीड़ शांत हुई। पीड़ित पक्ष ने मामले में मार्के ट मालिक उमेश कुमार तिवारी, इमरान और उसके अज्ञात साथियों को नामजद करने व सामूहिक दुष्कर्म की धारा बढ़ाने की तहरीर दी। दूसरी मांग थी कि आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। पुलिस ने पहले से ही पूछताछ के लिए उमेश और डिश ऑपरेटर इमरान को उठाकर पूछताछ करने की बात कही। इस बात का परिजनों को भरोसा नहीं हुआ। तब उन्हें सीओ सिटी कोतवाली ले गए। वहां दोनों को लॉकअप में दिखाया। चौराहे से शव उठाने के बाद परिजन घर ले गए। वहां दोपहर के तीन बजे तक लाश बर्फ पर रखे रहे। सीओ सिटी और कोतवाल दोबारा निधि के घर गए। उन्हें समझा बुझाकर अंतिम संस्कार किए जाने की सलाह दी। इसके बाद पुलिस सुरक्षा घेरे में शव का शाम को अंतिम संस्कार भिटौरा में हुआ।