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हत्या की साजिश के पीछे छिपे कई चेहरे

Fri, 15 Apr 2016 12:43 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, फतेहपुर
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- गांव में जमा भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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क्लर्क परिवार को जड़ से समाप्त करने की कोशिश में दो हत्याओं को अंजाम दिया गया। अंजाम देने के आरोपी पूर्व प्रधान का कारनामा प्लान के तहत होना सामने आया। इस खेल में कई चेहरे ऐसे हैं जो बेनकाब नहीं हुए हैं। इन्हें पुलिस अपनी जांच में सामने ला सकती है। इसके लिए पुलिस को जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रही इला के बयान की जरूरत पड़ेगी।
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प्लान को तैयार करने में परिवार के कुछ करीबी सदस्य भी शामिल हो सकते हैं। सहिली गांव में रहने वाली क्लर्क विमला देवी के पास 42 बीघा खेत हैं। सात बीघा जमीन सहिली चौराहे पर है। जिसकी कीमत डेढ़ करोड़ के करीब है। इसके अलावा क्लर्क पद पर रहते हुए की गई कमाई भी लाखों में है।

परिवार की सारी जायदाद की वारिस क्लर्क की दोनों बेटियां थीं। बेटियों की शादी के बाद अकूत संपत्ति के मालिक दामाद होते। माना जा रहा है कि करोड़ों की संपत्ति हाथों से फिसलती दिख रही थी। विमला देवी अपने पति के अन्य भाइयों के परिवार से ज्यादा मतलब नहीं रखती थीं। विमला देवी के पति तीन भाई थे।
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यह भी संभव है कि गेम प्लान को परिवार व उससे जुड़े कई सदस्यों ने मिलकर तैयार किया हो, जिसमें मोहरा पूर्व प्रधान को बनाया गया। हत्याकांड में मुकदमे के वादी भी विमला के एक जेठ हैं। विमला के परिवार को छोड़कर बाकी सदस्यों के बीच उनका अच्छा सामंजस्य है। गांव में कोई दूसरा व्यक्ति परिवार के मसले को देखकर गवाही देने को तैयार नहीं है।

ग्रामीणों में कुछ लोग मृतका पक्ष की बात कह रहे थे। वहीं कुछ लोग पूर्व प्रधान और उसके बेटों को वारदात के समय नहीं देखने का दावा करते दिखे। इससे ही साफ हो जाता है कि गांव में वादी और आरोपी पक्ष को लेकर कहीं न कहीं गुटबाजी भी है। सीओ सिटी समर बहादुर ने बताया कि वारदात में संदिग्ध क ई चेहरे हैं। पुलिस पूरी जांच पड़ताल के बाद सभी को उजागर करेगी। इसमें सबसे महत्वपूर्ण इला होगी। उसके  बयानों के बाद पूरा मामला साफ हो जाएगा।
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