पोस्टमार्टम हाउस के बाहर गमगीन परिजन। अमर उजाला
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जलसे में शामिल लोगों को छोड़ने जा रही एक निजी बस गुरुवार रात लगभग एक बजे अनियंत्रित होकर सड़क पर ही पलट गई। बस के नीचे दबकर एक युवक की मौत हो गई। करीब तीस लोग घायल हुए। सभी लोग मौके से घर चले गए। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
खखरेरू थाना क्षेत्र के कोट गांव में गुरुवार रात को जलसा था। थाने के मदनमऊ गांव से भारी संख्या में ग्रामीण कोट गांव पहुंचे थे। जलसे से लौटते समय रात में कुल्ली और दरियापुर गांव के बीच बस अनियंत्रित होकर पलट गई। चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पुलिस पहुंची। पुलिस ने बस में फंसे 30 से 35 लोगों को बाहर निकाला। ज्यादातर लोगों को छिटपुट चोटें लगी थीं। पर, सभी सदमे में काफी देर तक रहे। मदनमऊ गांव निवासी रामबिहारी का बेटा मोनू कुमार(18) बस के नीचे दबा पाया गया। उसे एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया। बाकी घायलों का प्राथमिक इलाज नर्सिंग होम में हुआ।
वहां से इलाज कराकर वे लोग घर चले गए। इधर, जिला अस्पताल में डाक्टरों ने मोनू कुमार को मृत घोषित कर दिया। मोनू बस के गेट पर खड़ा था, माना जा रहा है कि इसी वजह से बस के नीचे दब गया था। मोनू तीन भाइयों में सबसे छोटा था। मां केशकली और बहन अंजू देवी का रो-रो कर हाल बेहाल रहा। थानेदार गुलाब त्रिपाठी ने बताया कि बस में सवार लोग मामूली रूप से जख्मी हुए थे। बस चालक के बारे में पता चला है कि वह मदनमऊ गांव का रूपेश था, वह घटना के बाद नहीं मिला। छानबीन कराई जा रही है।