मुगलसराय जीआरपी थाने के सिपाही प्रमोद कुमार चौबे के साथ विक्रमशिला एक्सप्रेस में हुई रायफल लूट की वारदात में बिहारी युवकों का हाथ हो सकता है। इसी संदेह पर पुलिस की एक टीम दिल्ली रवाना हो गई है। माना जा रहा है कि सिपाही के रौब के चलते उसके साथ वारदात हुई है।
पीड़ित सिपाही ने रेलवे स्टेशन पर किसी एक आरोपी का मोबाइल मिलने का दावा किया है। सिपाही ने मोबाइल जीआरपी थाने में सौंप दिया है। मोबाइल नंबर बिहार प्रांत का होने की पुष्टि हुई है। बोलचाल से भी आरोपी बिहार के बताए जा रहे हैं।
सिपाही ने मोबाइल के बारे में बताया कि छीनाझपटी में आरोपी का मोबाइल गिरा है। वहीं दूसरी ओर यह शक भी जताया जा रहा है कि आरोपियों के ट्रेन पर चढ़ने के समय सिपाही से विवाद हुआ होगा। सिपाही ने आरोपियों का मोबाइल व पैसा कब्जे में ले लिया। इसी विवाद में सिपाही को रायफल के प्रति लापरवाह होता देख आरोपी रायफल लेकर भाग गए होंगे।
पुलिस की कई टीमों ने सिपाही प्रमोद कुमार चौबे से पूछताछ की है। बयानों में भिन्नता पाई जा रही है। एसओ समर बहादुर सिंह ने बताया कि रायफल लूट और चोरी दोनों बिंदुओं पर जांच की जा रही है। हो सकता है कि सिपाही खुद को बचाने के चक्कर में घटना के बारे में सही जानकारी नहीं दे रहा हो। पूरे मामले का जल्द ही खुलासा किया जाएगा।
सिपाही के साथ हुई रायफल लूट की खबर फैलते ही इलाहाबाद से लेकर कानपुर जीआरपी चौकन्ना हो गई। कानपुर जीआरपी ने रात में ही विक्रमशिला एक्सप्रेस के एस-11 कोच में यात्रियों से पूछताछ की। यात्रियों के बयान रिकार्ड भी किए गए हैं। हालांकि उन बयानों में लूटपाट की बात यात्री स्पष्ट नहीं कर सके हैं।