बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के जैनपुर गांव में मसजिद में चोरी की घटना को चौबीस घंटे भी नहीं बीते कि चोरों ने गांव के चार मंदिरों को निशाना बनाया। गुरुवार की रात चोरों ने मंदिरों से दर्जनों वजनी घंटे व अन्य सामग्री पार कर दी। जानकारी मिलने पर लोगों में आक्रोश भड़क गया।
पुलिस से चोरों को पकड़ने और सामान बरामदी की मांग की है। कोतवाल भानु प्रताप सिंह ने बताया कि मंदिरों में हुई चोरियों की सूचना मिली है, इन चोरियां का खुलासा शीघ्र किया जाएगा।
गुरुवार की रात चोरों ने बिंदकी नगर के बाहर स्थित भक्तों की आस्था का केंद्र बने चार प्राचीन प्राचीन मंदिरों को निशाना बनाया। चोरों ने मंदिरों से हजारों रुपये कीमत के 18 घंटे व अन्य सामान पार कर दिया।
पुरानी बिंदकी स्थित मां ज्वाला जी मंदिर में ताला काटकर अंदर घुसे चोर सात घंटे चुरा ले गए। मां की प्रतिमा पर चांदी के छत्र व नगदी, जेवरात पार करने की कोशिश में शटर काटने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली।
इसी क्रम में नगर के बाहर स्थित प्राचीन डूंडेश्वर शिव मंदिर के दरवाजे का ताला काटकार यहां से भी वजनी पीतल के हजारों रुपये कीमत के सात घंटे पार कर दिए।
इतना ही नहीं बगल में स्थित बजरंग बली मंदिर से तीन घंटे व गांव तेंदुली के बजरंग बली मंदिर से भी एक घंटा चुरा ले गए। सुबह जब मंदिरों में रोजाना की भांति पूजा अर्चना करने के लिए भक्तों की भीड़ पहुंची तो मंदिरों में हुई चोरी की घटनाओं को लेकर आक्रोश भड़क गया।
डूंडेश्वर बाबा के सर्वाकार बाबा श्याम नारायण मिश्रा, मां ज्वाला जी मंदिर के पुजारी केशन सैनी, भक्तगण श्याम सुंदर तिवारी, शैलेंद्र अगिभनहोत्री, रजोली स्वामी, तेंदुली मंदिर के भक्तगण विष्णु दयाल द्विवेदी, गोरे मिश्रा आदि ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि चोर में भी इन मंदिरों में धावा बोलकर चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है।
घटना के बाद मंदिरों की सुरक्षा के लिए कुछ दिनों तक तो पुलिस सक्रिय रहती है, इसके बाद फिर पुलिस के निष्क्रिय हो जाने पर चोरो के हौसले बुलंद हो जाते है।
इन भक्तों ने कहा कि मंदिरों में चोरियां होने से जहां धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है। वहीं पुलिस आज तक चोरी की किसी भी घटना का खुलासा नहीं कर सकी है। कोतवाल भानु प्रताप सिंह ने बताया कि मंदिरों में हुई चोरियों की सूचना मिली है, इन चोरियां का खुलासा शीघ्र किया जाएगा।