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जहानाबाद में पांचवें दिन भी स्कूल व बाजार बंद

Tue, 19 Jan 2016 12:16 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फतेहपुर
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जहानाबाद में पांचवें दिन भी हालात सामान्य नहीं हो पाए। न तो स्कूल खुले और न ही बाजार। कुछ जगहों पर गिनी चुनी दुकानें खुलीं जो बाद में बंद हो गईं। दुकानें बंद रहने से पब्लिक बेहाल है। लोगों को जरूरी चीजों की खरीददारी के लिए दूरदराज जाना पड़ रहा है। कस्बे में चप्पे-चप्पे पर पुलिस व पीएसी तैनात है। आरएएफ भी अफसरों के साथ गश्त कर सुरक्षा का भरोसा दे रही है लेकिन लोग सशंकित हैं। दूसरी ओर भाजपा नेता विनय कटियार को कानपुर में रोके जाने के विरोध में भाजपाइयों ने यहां छिवली नदी हाईवे पर सड़क जाम कर विरोध जताया। डीएम राजीव रौतेला व एसपी राजीव मल्होत्रा के समझाने पर भाजपाई हटे।
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जहानाबाद में मकर संक्रांति के दिन जुलूस पर पथराव के बाद बवाल हुआ था। मारपीट, फायरिंग, आगजनी की दहशत लोगों के जेहन में अब तक कायम है। बाजार बंद रहने से लोगों को जरूरी चीजों के लिए कस्बे से दो किलोमीटर दूर तक जाना पड़ रहा है। यहां आटा चक्की तक बंद हैं।

आटा पिसाने या सब्जी आदि खरीदने के लिए लोग कस्बे के बाहर के बाजारों में जा रहे हैं। यहां दो-एक चाय-पान की दुकानें ही केवल उस जगह खुली दिख रही हैं, जहां बराबर पुलिस तैनात है। प्रशासन के सुरक्षा देने के तमाम दावे और आश्वासन के बाद भी अन्य दुकानें नहीं खुल रही हैं। स्कूल बंद रहने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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मिश्रित आबादी वाला क्षेत्र होने से दोनों समुदाय के लोग एक-दूसरे से सशंकित हैं। काजी, समाजसेवी, इलाके के संभ्रांत लोग, व्यापारी नेता सभी प्रशासन के साथ मिलकर दुकानें खुलवाने, हालात सामान्य करने की अपील कर चुके हैं, जिसका असर नहीं दिखा।

सोमवार को भाजपा के जांच दल का नेतृत्व करने आ रहे फायर ब्रांड नेता विनय कटियार को लेकर स्थिति फिर तनावपूर्ण हो गई थी। लिहाजा प्रशासन ने फतेहपुर सीमा पर पड़ने वाले छिवली नदी पुल से आशापुर डाक बंगले को छावनी बना डाला। कानपुर में विनय कटियार को रोके जाने के बाद अफसरों को राहत मिली।

जांच दल में आए पूर्व आईएएस उमानाथ सिंह व पूर्व आईपीएस राजेश राय ने बाद में जहानाबाद जाकर कई जगह लोगों के बयान दर्ज किए। लोगों का कहना है कि यदि कोई बाहरी नेता की दखल न हो तो इलाके के हालात दो-तीन दिन में सामान्य हो सकते हैं।
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