फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वृद्धा की संदिग्ध हालात में मौत

Sun, 19 Nov 2017 12:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो , फतेहपुर
विज्ञापन
फाइल फोटो जुगनू देवी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
घर में सो रही वृद्धा की शुक्रवार की रात संदिग्ध हालात में मौत हो गई। सुबह शव देख कोहराम मच गया। नाक में चोट का निशान देख परिजनों ने गांव के ही एक गैंगस्टर पर लूटपाट और हत्या का आरोप लगाया। पुलिस ने हत्या और लूट की रिपोर्ट भी दर्ज कर ली। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सेप्टीसीमिया (बीमारी में संक्रमण) से मौत की पुष्टि हुई है।
विज्ञापन


थरियांव थाना क्षेत्र के हासिमपुर भेदपुर उर्फ  रामपुर भदोइया गांव निवासी शिवसरन साहू की पत्नी जुगनू देवी (65) गांव किनारे मवेशी बांधने वाले घर में रात को सोने गई थी। बहू रामा देवी शनिवार की सुबह मवेशियों को चारा डालने गई तो देखा सास बिस्तर पर ही मृत पड़ी थी। उनकी नाक में पोंगी नहीं थी।

चोट का निशान दिखा। उसने शोर मचाया तो बेटे कंधई और शीतल मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की भीड़ भी जमा हो गई। हत्या कर लूट की खबर पाकर सीओ एसपी मलिक, एसओ विपिन कुमार सिंह पहुंचे। कंधई की तहरीर पर गांव के कामता लोधी के खिलाफ पुलिस ने गला दबाकर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली।
विज्ञापन


पुलिस ने कामता को गांव से ही गिरफ्तार कर लिया। घटनास्थल पर एक जोड़ी चप्पल, टार्च, अंगोछा बरामद हुआ। इसे कामता लोधी का बताया गया। आरोपी गैंगस्टर में वांछित था। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, लूट समेत 12 मामले पहले से ही दर्ज हैं। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।

एसओ विपिन कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में वृद्धा की मौत का कारण फेफड़े में सेप्टीसीमिया आया है। नाक में आई चोट मौत से पहले की है। मामले की जांच के बाद ही आरोपी को जेल भेजा जाएगा।

...तो कामता को फंसाने की रची साजिश
फतेहपुर। जुगुनी देवी के परिजनों ने कामता लोधी को फंसाने की कोशिश की, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उसको बचा लिया। जुगुनी देवी का शव देखकर परिजनों ने सीधे कामता लोधी पर हत्या का आरोप लगाया। जुगुनी देवी के बेटे कंधई का कहना था कि परिवार के लोगों को कामता कई बार जान से मारने की धमकी दे चुका है। बताया कि उसने दो साल पहले चचेरे भाई भोला की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

हालांकि पुलिस पीड़ित पक्ष के बयान की जांच कर रही है। एसओ ने बताया कि पोंगी, कान के बाले लूटने की बात गले नहीं उतर रही। हत्या के बाद सबूत के तौर पर कोई भी आरोपी अपना सामान नहीं छोड़ता। इतना ही नहीं हत्या के बाद आरोपी को गांव से भाग जाना चाहिए था। बताया कि वृद्धा की मौत को उलझाने की कोशिश की गई है। पुलिस जांच कर जल्द ही मामले का खुलासा कर देगी।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें