बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के गांव दरियापुर गांव में
मजदूर के शव को पोस्टमार्टम के बाद गांव लाने के बाद सोमवार को ग्रामीणों
ने बांदा सागर हाईवे में जाम लगा दिया। आक्रोशित ग्रामीणों व पुलिस के बीच
कई बार नोंकझोक हुई। एएसडीएम के पहुंचने पर जब अभियुक्तों की गिरफ्तारी व
मुआवजा दिलाने के आश्वासन पर पर एक घंटे बाद जाम खुल सका।
गांव
दरियापुर निवासी सुरेश मिश्रा की कामधेनु मिनी दूध डेयरी में काम करने वाले
50 वर्षीय मजदूर पुत्तन का शव शनिवार को सुबह गांव बाहर जंगल पेड़ में
संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी के फंदे पर लटकता मिला था।
जिसमें मृतक के
पुत्र हेमराज ने कोतवाल केके यादव को तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराया था।
दर्ज कराए गए मुकदमे में आरोप लगाया है कि भैंस चोरी के मामले पर डेयरी
मालिक सुरेश व उसके पुत्र आशू, राजू, छोटे बाबू ने बेरहमी से मारपीटकर उसकी
हत्या कर दी है।
रविवार को पोस्टमार्टम के बाद देर शाम शव को गांव लाया
गया। सोमवार को सुबह अंतिम संस्कार के लिए शव को ले जाते समय ग्रामीणों ने
बांदा सागर हाईवे में शव को रखकर फिर जाम लगा दिया।
एक घंटे तक लगे जाम में
सैकड़ों बड़े व छोटे वाहन फंसे रहे। बांदा से कानपुर गंभीर मरीज को ले जा
रही एक एबुलेंस भी जाम में फंस गई। जाम खुलवाने के लिए सीओ आरके वर्मा,
कोतवाल ने काफी प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने।
तभी यहां
पहुंचे एसडीएम जेएन सचान ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि नामजद अभियुक्तों
को 48 घंटे में गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। मृतक के परिजनो को पारिवारिक
लाभ योजना के तहत आर्थिक सहायता शीघ्र दिलाई जाएगी। तभी ग्रामीणों का
गुस्सा शांत हुआ और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए।