पोस्टमार्टम हाउस में आरोप लगाते परिजन व ग्रामीण
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तीन दिन से रास्ते में टूटी पड़ी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से गुरुवार को किसान छत्रपाल रैदास (50) की मौत हो गई। दो सियार भी जल गए। विभाग की लापरवाही के चलते हादसे से ग्रामीणों में गुस्सा है। पुलिस ने इत्तफाकिया दुर्घटना की रिपोर्ट दर्ज की है। दूसरी ओर बिजली विभाग के अधिकारी जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दे रहे हैं।
हादसा ललौली थाना क्षेत्र के श्यामपुर गांव में गुरुवार देर शाम हुआ। परिजनों के मुताबिक, छत्रपाल जंगल जाने को निकले थे। रास्ते में हरिरामपुर से परेठी नलकूप को जाने वाली लाइन टूटी पड़ी थी। उसमें छत्रपाल का पैर फंस गया। लाइन चालू होने की वजह से जिंदा जलने लगे। इसी दौरान जंगल में घूम रहे दो सियार भी लाइन की चपेट में आ गए। गांव वापस लौट रहे ग्रामीणों ने छत्रपाल के परिजनों को खबर दी। ग्रामीणों ने विद्युत आपूर्ति बंद कराई लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। ज्यादा झुलसने से किसान की मौत हो चुकी थी। घटना की खबर पर पुलिस भी पहुंची। नाराज ग्रामीणों ने विरोध करते हुए पुलिस को शव नहीं उठाने दिया।
हंगामा बढ़ने पर उपकेंद्र के जेई राजेश को बुलाया गया। परिजनों को जेई ने मुआवजे का आश्वासन दिया। इसके बाद मामला शांत हो सका। छत्रपाल के बेटे दयाराम ने बताया कि पिता के नाम पर एक बीघा जमीन है। वह दो भाई हैं। मजदूरी कर परिवार चलाते हैं। तीन दिन से तार टूटा पड़ा था। बिजली विभाग को नलकूप चलाने वालों ने सूचना दी थी। इसके बाद भी आपूर्ति नहीं बंद कराई गई, जिससे ही उसके पिता की मौत हुई है। एसओ श्रीप्रकाश यादव ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। लिखित तहरीर में किसी पर आरोप लगाते हैं तो उसकी जांच कर कार्रवाई होगी। दूसरी ओर एसडीओ नितिन जायसवाल का कहना है कि विभागीय जांच कर लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।