मृत बच्चे के रोते-बिलखते परिजन
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जाफरगंज थाना क्षेत्र के गांव धौरहरा स्थित ननिहाल आए 10 साल के मासूम की यमुना नदी में डूबकर मौत हो गई। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोर शव निकाल पाए। शव देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया। यह घर के इकलौता चिराग था।
चांदपुर थानाक्षेत्र के रिस्पी के डेरा निवासी सरनाम निषाद सूरत में प्राइवेट नौकरी करते हैं। उनकी गर्भवती पत्नी रामदेवी 15 दिन पहले मायके धौरहरा आई थी। यहीं उसने एक बच्ची को जन्म दिया। रामदेवी के पिता रघुवीर निषाद ने बताया कि शनिवार को सुबह नौ बजे उनका नाती मनीष पड़ोसी लड़कों के साथ यमुना नदी में नहाने चला गया।
वह नदी में डूब गया और उसके साथी घर आ गए। काफी देर तक न दिखने पर जब खोजबीन शुरू की तो पता चला कि वह डूब गया है। तुरंत ग्रामीणों व गोताखोरों को लेकर यमुना नदी पहुंचे। वहां गोताखोरों ने शव निकाला तो उनकी चीख निकल गई। वह दो बहनों के बीच घर का इकलौता बेटा था।
फिर मनीष के शव का अंतिम संस्कार गमगीन माहौल में उसी यमुना नदी में किया गया। मनीष की मौत ने कभी खुशी-कभी गम की कहावत को चरितार्थ कर दिया। वह अपनी बड़ी बहन मोनी से छोटा था उसकी मां ने एक छोटी बहन को जन्म दिया है, छठी शुक्रवार को बाजे-गाजे के साथ मनाई गई थी। किसी को नहीं पता था कि शनिवार का दिन उनके लिए इतना बड़ा गम लेकर आएगा।