नौ साल के कुंदन का शव जैसे ही गांव में पहुंचा,
कोहराम मच गया। एक नजर देखने को हजारों आंखें बेताब थीं। शायद ही कोई रहा
हो जिसकी आंखों से आंसू नहीं छलके। सभी आरोपी सोनू यादव को धिक्कार रहे थे,
उनका कहना था कि बदला मासूम से क्यों लिया। इसमें उसका क्या दोष था, उसकी
तो अभी हंसने-खेलने और पढ़ने की उमर थी।
कुंदन अपने परिवार का इकलौता
बेटा था। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार लगभग चार बजे शव को लेकर परिजन गांव
पहुंचे। अंतिम झलक पाने के लिए तब तक आसपास क्षेत्रों आजाद नगर, विजय नगर,
पवारनपुर, बहुआ टाउन व देहात, सिधांव, गौरी, रामपुर बरवट, वहिदापुर से
हजारों लोग आ चुके थे।
ऐसा लगा रहा था जैसे किसी बहुत बड़ी हस्ती वाला शख्स
दुनियां से विदा हो गया हो। कुंदन के शव को उसकी मां सरस्वती ने लिपटा
लिया। वह दहाड़ मारकर रोई तो भीड़ की आंखों से आंसू टपक पड़े। वहां
महिलाएं, युवक, बुजुर्ग और कुंदन के साथी बच्चे भी भीड़ में रहे।
लोगों के
जेहन में कौंध रहे सवाल जुबां पर आ गए कि बच्चे का आखिर क्या दोष था?
जालिम ने उसे बेरहमी से क्यों मार डाला? अगर कोई रंजिश थी तो उसके पिता से
बदला लेना चाहिए था? पिता नरेंाद्र यादव एकटक बेटे के शव को निहारते दिखे।
उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि बेटे के साथ ऐसा होगा।
इधर,
अंतिम शवयात्रा में शामिल लोगों की नम आंखे उनके जज्बात बयां कर रहे थे।
हत्यारोपी सोनू यादव ने पुलिस को कुंदन की गला घोंटकर हत्या करने का बयान
दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी कुंदन की हत्या गला घोंटकर किए जाने
की बात सामने आई है। अब पुलिस हत्यारोपी को रविवार को जेल भेजेगी। इस तरह
से आरोपी के बयान पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट की मुहर लग गई है।