बिंदकी से किसान अनीस उत्तम के अगवा होने, 25 लाख रुपये फिरौती मांगे जाने का मामला फर्जी निकला। कर्ज की रकम अदा न कर पाने के कारण किसान ने यह झूठी कहानी गढ़ दी। घटना के दूसरे दिन रविवार को वह अपने मौसा के नलकूप में सोता मिला। पुलिस की टीमें मोबाइल लोकेशन के आधार पर गैर जिलों में तलाशती फिर रही थीं। मेडिकल जांच में लीवर की बीमारी के चलते उसे अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि अनीस पर करीब डेढ़ लाख रुपये का कर्ज है। इसी वजह से उसने यह नाटक सोचा और किया।
बता दें कि बिंदकी कोतवाली के गंधर्पी गांव निवासी अनीस उत्तम(27) गुरुवार को घर से बकेवर कस्बे सुतली लेने निकले थे। छोटे भाई राजू उत्तम ने मोबाइल पर 25 लाख रुपये फिरौती मांगने की सूचना देकर शनिवार रात एफआईआर दर्ज कराई थी। इस मामले में सर्विलांस के साथ क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया था। मोबाइल नंबर ट्रेस होना शुरू हुआ तो पहली बार फिरौती की कॉल का लोकेशन औरैया मिला। दूसरी बार शनिवार को लोकेशन चित्रकूट के मानिकपुर में मिला। क्राइम ब्रांच अपहृत के भाई के साथ मानिकपुर पहुंची। वहां से टीम खाली हाथ लौट आई। उसे रविवार को जहानाबाद थाने के कुशल का डेरा गांव में मौसा राम स्वरूप के नलकूप से बरामद किया गया। कोतवाल आरके सिंह ने बताया कि बकेवर कस्बे में गुरुवार को बाजार लगती है और अनीस वहां सुतली खरीदने पहुंचा ही नहीं था। उसने ठेके से शराब पी इसके बाद गायब हो गया था।
अनीस उत्तम ने खुद पर डेढ़ लाख का कर्ज होने और बीमारी से पीड़ित होने की बात कही है। बीमारी हालत को देखते हुए अधिक पूछताछ नहीं की जा सकी है। उसका अपहरण नहीं किया गया था। यह बात साफ हो चुकी है। वही अपने मोबाइल पर सिमकार्ड बदल कर फोन करता रहा है। हालत में सुधार आने के बाद पूछताछ होगी। उसका मोबाइल नहीं बरामद हुआ है। फंसने के डर से मोबाइल कहीं फेंक दिया होगा। पुलिस यह जांच कर रही है कि अनीस लापता होने के बाद औरैया, मानिकपुर गया था या फिर किसी और को फोन देकर फिरौती मंगवा रहा था।