समाजवादी एंबुलेंस 102 के चालक को हंसवा पीएचसी में
शनिवार को आशा बहू ने दौड़ा दौड़ा कर पीटा। चालक के कपड़े फाड़ दिए और
चप्पलों से पिटाई की। घटना दोनों पक्षों के बीच एक दूसरे पर अश्लील आरोप
लगाने पर हुई। दिन भर पीएचसी में हंगामा रहा। पुलिस ने पिटे चालक की तहरीर
पर छानबीन शुरू कर दी है।
हंसवा पीएचसी के पास ही एंबुलेंस चालकों का
रैन बसेरा है। आशा बहू का आरोप है कि रैन बसेरे के चालक नरेश ने गुरुवार
रात लड़कियां बुलाई थी। चालक अपने साथियों के साथ शराब पीकर दूसरे चालक
गुरु से बदसलूकी कर रहा था।
चालक गुरु ने उसके पति को मोबाइल पर घटना की
खबर दी थी। वह रात को मौके पर पहुंची थी। तभी चालक और लड़कियां भाग निकली
थी। शुक्रवार सुबह चालक नरेश ने उस पर गंदे आरोप मढ़कर शिकायत पीएचसी
प्रभारी डाक्टर सुरेंद्र सिंह से की। डाक्टर ने रात को आशा बहू से पीएचसी
में आने के बारे में पूछताछ की।
आशा बहू ने बताया कि वह झूठे आरोपों के
बारे में चालक से पूछ रही थी। तभी चालक नोकझोंक और हाथापाई करने लगा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक चालक को आशा बहू ने चप्पलों से दौड़ा दौड़ा
कर पीटा।
उधर, चालक नरेश का आरोप है कि आशा बहू पीएचसी में गलत काम
करती है। इसका विरोध करने से नाराज होकर उसकी पिटाई की गई है। आशा बहू के
खिलाफ थाने में तहरीर दी गई है।
पीएचसी प्रभारी ने बताया कि चालक के साथ
मारपीट आशा बहू ने की है। इसी वजह से जांच कर कार्रवाई की जाएगी। हंसवा
चौकी इंचार्ज मुमताज खान ने बताया कि चालक की तहरीर पर कार्रवाई होगी। घटना
में शामिल दूसरे एंबुलेंस चालक मुमताज को हिरासत में लिया गया है।