बीएसए को निरीक्षण में गैरहाजिर शिक्षकों के खिलाफ 16 दिन बाद कार्रवाई करनी पड़ी। बीईओ की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई न होने का मामला उजागर होने के बाद बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने पांच शिक्षकों और एक चपरासी के खिलाफ कार्रवाई की।
बीईओ मुख्यालय ने नौ अप्रैल को देवमई ब्लाक के सरांय होली प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों का निरीक्षण किया था। इसमें प्राथमिक के प्रधानाध्यापक नीरज तिवारी चार दिन से गैरहाजिर थे। इसी परिसर में स्थित उच्च प्राथमिक स्कूल में सहायक अध्यापक आरती शुक्ला, मयंक शुक्ला, पुष्पा उत्तम तथा चपरासी राजवीर यादव गैरहाजिर थे। जांच अधिकारी ने जांच आख्या कार्रवाई के लिए बीएसए को उसी दिन सौंप दी थी, लेकिन संबंधित शिक्षकों का सत्ता में खासा दबाव होने के कारण बीएसए की कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुट रही थी। पत्रावली को दबाकर बीएसए बाद के निरीक्षण में गैरहाजिर शिक्षकों पर कार्रवाई कर चुके थे। अमर उजाला ने बुधवार के अंक में बीईओ की आख्या रद्दी की टोकरी में शीर्षक से खबर प्रकाशित की है। मामला चर्चा में आने के बाद बीएसए ने निरीक्षण के दिन गैरहाजिर चपरासी और शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटा है, जबकि लगातार चार दिन से अनुपस्थित प्राथमिक के प्रधानाध्यापक के वेतन भुगतान पर रोक लगाई है।
उधर, प्राथमिक विद्यालय मकरोली की शिक्षामित्र सीमा देवी और अहमद अली तथा सकूराबाद प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक रमेश कुमार और रश्मि शुक्ला से स्पष्टीकरण मांगा है।