बिंदकी(फतेहपुर)। कोतवाली क्षेत्र के मिस्सी गांव में बुधवार को तड़के रामलीला मंचन के दौरान फौजी की रिवाल्वर से हर्ष फायरिंग में दो लड़कियां गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गईं। दोनों की हालत नाजुक देखकर डॉक्टरों ने कानपुर रेफर कर दिया है। पुलिस ने आरोपी फौजी को हिरासत में ले लिया है। शस्त्र लाइसेंस व आयोजकों के बारे में जांच की जा रही है।
मिस्सी गांव में मंगलवार की रात रामलीला का मंचन हो रहा था। धनुष भंग लीला का मंचन बुधवार सुबह करीब पांच बजे हुआ। श्रीराम-सीता स्वयंवर की लीला के दौरान गांव के फौजी उमेश चंद्र तिवारी ने रिवाल्वर से हर्ष फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली बाएं दिशा में भीड़ की ओर चल गई। घटना में राजबहादुर की बेटी अल्का उर्फ जय कुमारी (14) और राममिलन की बेटी सोनिका (17) घायल गोली लगने से घायल हो गईं। इससे वहां अफरातफरी मच गई। सोनिका की बहन आरती ने बताया कि गोली बहन की पीठ में लगी है। अल्का के माथे को छूकर निकली है। घायल लड़कियों को फौजी व परिजन नर्सिंग होम लेकर गए। प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जिला अस्पताल से डॉक्टरों ने कानपुर रेफर किया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रिवाल्वर से कई राउंड फायरिंग की गई थी। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि फौजी की जम्मू में तैनाती है। उसकी छह माह के लिए ड्यूटी पुणे के कमांड ऑफिस में हुई थी। एक माह की छुट्टी लेकर घर आया था। उसका शस्त्र लाइसेंस जम्मू कश्मीर से बना होना सामने आया है। सीओ अभिषेक तिवारी ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। तहरीर आने पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
पुलिस को कार्यक्रम की जानकारी तक नहीं थी
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। मिस्सी गांव में रामलीला मंचन के दौरान हर्ष फायरिंग मामले में पुलिस पर सवालिया निशान लगने लगे है। बड़ी चूक यही सामने आ रही है कि हजारों की भीड़ वाले आयोजन की पुलिस को भनक ही नहीं थी। साथ ही यह आयोजन चुनाव आचार संहिता के उल्लघंन दायरे में भी आ सकता है। वहीं, गोली लगने से लड़कियों की जान भी जा सकती थी। घटना के बाद पुलिस कई बिंदुओं की छानबीन में जुटी है।
मिस्सी गांव मिश्रित आबादी वाला क्षेत्र है। माहौल को देखते हुए लाउडस्पीकर से होने वाले धार्मिक कार्यक्रम के लिए पुलिस प्रशासन से अनुमति ली जानी चाहिए। लेकिन इसकी किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई थी। कार्यक्रम मंगलवार की शाम से शुरू हो गया था, पूरी रात कार्यक्रम चला। गोली न चलती तो शायद सुबह कार्यक्रम खत्म होने के बाद भी कोई सवाल नहीं उठता। प्रकरण में चुनाव आचार संहिता के नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। पुलिस को पूछताछ में पता चला कि आयोजनकर्ता फौजी उमेश चंद्र तिवारी है। कोतवाल तेज बहादुर सिंह ने बताया कि आयोजन की अनुमति नहीं थी। आयोजन की अनुमति होने पर पुलिस की ड्यूटी लगाई जाती है। फौजी का लाइसेंस जम्मू से बना है। लाइसेंस जिले में चढ़ा नहीं है। सारी विधिक कार्रवाई आरोपी पर की जाएगी।
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