अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। राह चलती लड़कियों, महिलाओं से शोहदेबाजी करने वाले रईसजादों को एक महिला ने बड़ी ही सूझबूझ से सबक सिखाया। पुलिस ने भी उनकी रात में खातिरदारी की और सुबह सुलह कर लेने पर छोड़ दिया।
हुआ यूं कि जिला अस्पताल गेट के बाहर सलवार सूट में एक महिला (30) रात करीब सवा दस बजे पैदल किसी से मोबाइल पर बार करते हुए जा रही थी। कुछ देर बाद एक लग्जरी वाहन अस्पताल गेट से कुछ दूरी पर
आकर रुका। महिला कार के पास पहुंची। कार चालक शोहदे को बातों में उलझाने की कोशिश की। इसके कुछ देर बाद ही आसपास खड़े आबूनगर चौकी के सिपाहियों ने आरोपियों को दबोच लिया। कार की चाभी खींच ली।
आरोपियों समेत कार को कब्जे में लेकर पुलिसकर्मी चौकी पहुंचे। शोहदों को वहां जमकर सबक सिखाया। दूसरे दिन सुबह छोड़ दिया गया। आरोपी शहर के बाकरगंज पुलिस चौकी क्षेत्र में रहते हैं और एक बड़े खानदान से
ताल्लुक रखते हैं। दोनों आरोपियों की उम्र करीब 25 साल रही है। चौकी इंचार्ज कालिका सिंह ने बताया कि सारा मामला रविवार का है। दोपहर को महिला पैदल किसी काम से जा रही थी। लग्जरी कार वाले शख्स ने उसके बगल
से गुजरते समय मोबाइल नंबर की पर्ची इशारा करते हुए फेंकी। महिला से फोन पर संपर्क करने को कहा। उसी के बाद यह महिला शोहदों को सबक सिखाने के लिए आगे आई। महिला ने पुलिस को बताया कि इस तरह से महिलाओं के साथ आए दिन होता है। जिसे टाल जाने से बड़ी घटनाएं होती है। ऐसों को सबक सिखाने के लिए ही उसने रात को निकलने का रिस्क उठाया। चौकी इंचार्ज ने बताया कि बाद में दोनों पक्ष ने समझौता कर लिया, इससे उन्हें छोड़ दिया है।
रईसजादे शोहदों को महिला ने सिखाया सबक
रात में फोन कर सड़क पर बुलाया, पुलिस ने जमकर की ‘खातिरदारी’
दोनों आरोपी शहर के किसी बड़े खानदान के हैं, सुलह पर पुलिस ने छोड़ा