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कर्ज में डूबे किसान ने लगा ली फांसी, मौत

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गाजीपुर (फतेहपुर)। कर्ज में डूबे किसान ने रविवार की रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। खेत में पानी लगाने के बहाने निकले किसान ने आत्मघाती कदम उठाने से पहले नजदीकियों से फोन पर दोबारा मुलाकात न होने की बात कही। पुलिस ने ग्रामीणों के हवाले से कर्ज से परेशान होकर किसान के जाने देने की बात बताई है।
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कस्बे के बरुहा के मजरे खपरैलपुर में कृष्णचंद्र उर्फ बड़कू (50) खेतीबाड़ी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। कृष्णचंद्र का छोटा बेटा गोपाल काफी समय से बीमार था। मृतक के बड़े बेटे गोलू ने बताया कि छोटे भाई के इलाज लिए पिता ने साहूकारों से तीन लाख रुपये कर्ज लिया था। लंबा इलाज चलने के बाद भी गोपाल की सात मार्च 2018 को मौत हो गई थी। छोटा किसान होने के कारण कृष्णचंद्र साहूकारों का कर्ज अदा नहीं कर पा रहा था और प्रतिदिन ब्याज बढ़ने से परेशान था। पैसा जुटाने के लिए उसने बड़े बेटे को प्राइवेट नौकरी के लिए इंदौर भेज दिया था। बेटे ने बताया कि रविवार की दोपहर पिता ने फोन कर खुद के काफी परेशान होने की बात बताई थी और तत्काल घर लौटने को कहा था। गोलू ने बताया कि रविवार की दोपहर डेढ़ बजे इंदौर से ट्रेन पर बैठ गया था। उधर, शाम को कृष्णचंद्र पत्नी मीरा देवी से खेत में पानी लगाने की बात कहकर निकला था। इस दौरान पड़ोसियों और ग्रामीणों को फोन कर दोबारा मुलाकात न होने की बात कही थी। गांव से करीब पांच सौ मीटर दूर बबूल के पेड़ पर रस्सी का फंदा बनाकर उसने फांसी लगा ली। उधर, अनहोनी की आशंका पर पड़ोसी और ग्रामीण रात करीब 12 बजे नलकूप की तरफ पहुंचे। लोगों ने आनन फानन किसान को नीचे उतारा, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना के कुछ ही देर बाद उसका बेटा भी इंदौर से घर पहुंचा। गाजीपुर थानाध्यक्ष अर्जुन सिंह ने बताया कि किसान के बेटी की तहरीर पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
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फाइल फोटो-11-कृष्णचंद्र उर्फ बडक़ू
12-दरवाजे पर मृतक के भाई छोटकू के साथ खड़े परिजन

कर्ज में डूबे किसान ने लगा ली फांसी, मौत
बेटे के इलाज के लिए साहूकार से तीन लाख रुपये लिया था कर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
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