अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। नाबालिग से छेड़छाड़ और विरोध करने पर जिंदा जलाने के मामले में अदालत ने मुल्जिम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अभियुक्त को कारावास की सजा के साथ ही अर्थदंड भी मुकर्रर किया है। हलांकि प्रक्रिया के चलते पीड़िता को न्याय पाने में चार वर्ष का वक्त लगा। मगर जब अदालत से फैसला आया तो लंबी लड़ाई लड़ रहे परिजनों की आंख छलक आई। अभियुक्त मुकदमें की पूरी पैरवी के दौरान घटना के बाद से ही जेल में था।
मामला गाजीपुर थानाक्षेत्र के सुकेती गांव का है। आठ अप्रैल 2014 को शाम करीब छह बजे गांव के एक किसान की पंद्रह साल की किशोरी खेत से गेहूं काटकर लौट रही थी। गांव के राजेश लोधी ने रास्ते में रोक कर छेड़छाड़ शुरू कर दी। पीड़िता के विरोध पर किशोरी पर पेट्रोल डाल कर मौके पर ही जिंदा जला दिया था। पीड़िता का लंबे
समय तक कानपुर के अस्पताल में । पीड़िता के पिता की तहरीर पर गाजीपुर थाना पुलिस ने मामले में पास्को अधिनियम, छेड़छाड़ और हत्या के प्रयास की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने मुल्जिम को गिरफ्तार करके जेल भी भेज दिया था। तबसे मामला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर आठ मृदुला मिश्रा की
अदालत में विचाराधीन था। अदालत में पीड़िता की ओर से शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र उत्तम पैरवी कर रहे थे। उनकी दलीले और अदालत में पेश साक्ष्यों व तर्कों को सुनते हुए एडीजे मृदुला मिश्रा ने बुधवार को फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी राजेश लोधी को आजीवन कारावास और 47 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने यह भी आदेश दिया है कि मुल्जिम के जुर्माने की 47 हजार रुपये धनराशि से 35 हजार पीड़िता को देय होगा।
छेड़छाड़ और जान से मारने के प्रयास में आजीवन कारावास
गाजीपुर थानाक्षेत्र के सुकेती गांव में अप्रैल 2014 को हुई थी घटना
विरोध करने पर पीड़िता को पेट्रोल डालकर जलाया था