अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। अवैध खनन की पड़ताल कर रही सीबीआई ने अब तक छानबीन में कई धांधली पकड़ी हैं। रवन्ना का खेल भी इसमें एक है। मोटरसाइकिल में 18 क्यूबिक का रवन्ना काट दिया गया। स्कूली वैन से भी खूब मौरंग ढोई गई। इस सच के सामने आने पर सीबीआई की आंखें खुली की खुली रह गई हैं। रवन्ना से बाहर आई सच्चाई ने सीबीआई की जांच को पुख्ता बनाने का काम किया है। मंगलवार को भी सुबह और दोपहर में करीब छह-सात लोग बयान दर्ज कराने पीडब्लूडी के सर्किट हाउस पहुंचे।
जिले में कई दिन से सीबीआई की टीम वर्ष 2012 से अब तक हुए अवैध खनन की तह तक जाने के प्रयास में लगी है। अब तक की तफ्तीश में 50 से अधिक लोगों से पूछताछ हो चुकी है। उनके बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं। सिंडीकेट से लेकर उनके हमदर्दों से बंद कमरे में सवाल जवाब करने वाली सीबीआई ने स्थलीय निरीक्षण कर अवैध खनन की हर संभावनाओं पर भी काम जारी रखा है।
मंगलवार को भी सुबह और दोपहर में करीब छह-सात लोग बयान दर्ज कराने पीडब्लूडी के सर्किट हाउस पहुंचे। सूत्रों की मानें तो सीबीआई की पड़ताल में कई ऐसे राज निकल कर सामने आ रहे हैं जो जिले में अवैध खनन होने की सच्चाई उगलने का काम कर रहे हैं। रवन्ना को लेकर भी सिंडीकेट ने लंबा खेल खेला है। बाइक पर 18 क्यूबिक का रवन्ना काटा गया। स्कूली वैन में भी मौरंग ढोकर रवन्ने का खेल हुआ। रवन्ना से बाहर निकल कर सामने आई इस हकीकत ने सीबीआई को चौंका कर रख दिया।
लौटाए गए एआरटीओ प्रशासन
सीबीआई टीम सच्चाई जानने के लिए कई लोगों को तलब कर रही है। मंगलवार को संभागीय परिवहन विभाग को अवैध खनन से जुड़े प्रकरण पर बुलाया गया था। एआरटीओ प्रशासन प्रशांत तिवारी अपना पक्ष रखने के लिए पहुंचे लेकिन आधी अधूरी तैयार के साथ। लिहाजा इन्हें दोबारा आने को कहा गया।
पूर्व डीएम से भी हो सकती है पूछताछ
अवैध खनन मामले पर सीबीआई की जांच का दूसरा स्टेप सिंडिकेट, प्रशासन, नेता व मौरंग माफियाओं का गठजोड़ है। जिले में तैनात रहे कई पूर्व डीएम भी हैं। इनमें से खास तौर पर दो पूर्व डीएम निशाने पर हैं। इनमें एक राकेश कुमार सेवानिवृत्त हो चुके हैं जबकि दूसरे राजीव रौतेला प्रदेश मुख्यालय में तैनात हैं। हालांकि इस रैंक के अफसरों से पूछताछ के लिए सीबीआई टीम को परमीशन की औपचारिकता पूरी करनी पड़ेगी। जिस प्रकार से यह मामला गरमाया है। उससे सीबीआई इन अफसरों को भी बयान के लिए बुला या उन तक पहुंच सकती है।
रडार में आए पंचायत प्रतिनिधि भी
अवैध खनन की चल रही तफ्तीश में सोमवार को जिला पंचायत अध्यक्ष अभय प्रताप सिंह उर्फ पप्पू सिंह से भी सीबीआई टीम ने डाक बंगले में बंद कमरे में करीब दो घंटे तक बातचीत की थी। इनसे पूछताछ के बाद कई पंचायत प्रतिनिधियों और इनसे जुड़े लोगों के चेहरे भी सुर्ख हो गए हैं। हालांकि टीम को अभी इनसे कुछ खास सुराग हासिल नहीं हुआ। पर, माना जा रहा है कि टीम पप्पू सिंह के सहारे कई कद्दावर व रसूखदार लोगों तक पहुंचना चाह रही है।
कई सरकारी गवाह बनने की तैयारी में
सीबीआई की बढ़ती पूछताछ और गठजोड़ पर खोजबीन होता देख कई लोगों ने सीबीआई के सामने सरकारी गवाह बनने की पेशकश कर दी है। ऐसी चर्चा है कि इनमें कुछ नाम ऐसे हैं जो फर्श से अर्श तक की स्थिति को बेनकाब करने में काफी हैं। इधर, इस कवायद को देख सिंडिकेट से जुड़े लोगों, जिले की राजनीति व नेताओं से परोक्ष व अपरोक्ष रूप से जुड़े लोगों के चेहरे पर हवाइयां उड़ रही हैं।