अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। हाजिरी रजिस्टर में लिखे गजटेड हॉलीडे पर गोला बना देने पर मेडिकल अफसर और सीएचसी प्रभारी में हाथापाई और मारपीट हो गई। प्रभारी का आरोप है कि मारपीट में मेडिकल अफसर के पिता भी शामिल थे। इधर, गुस्साए अस्पताल कर्मियों ने ओपीडी ठप कर दी। सूचना पर पुलिस भी पहुंची। अस्पताल कर्मियों का कहना है जब तक गिरफ्तारी नहीं हो जाती है, स्वास्थ्य सेवाएं बहाल नहीं होंगी।
हथगाम सीएचसी में एमओआईसी (प्रभारी) के पद पर डॉ. एके सिंह दो साल से तैनात हैं। हालांकि इनका सेवाकाल करीब 15 साल का इसी अस्पताल में हो चुका है। इसी अस्पताल में मेडिकल अफसर के पद पर डॉ. अमित चौरसिया तैनात हैं। बकौल एके सिंह 30 सितंबर को डॉ. अमित छुट्टी पर जाने की बात कहने आए थे। उन्होंने कहा दशहरा और मुहर्रम के चलते वे छुट्टी देने में असमर्थ हैं।
लिहाजा काम करें। इस पर वह नहीं माने और हाजिरी रजिस्टर में अपने नाम के सामने गजटेड हॉलीडे लिखकर चले गए। उन्होंने गजटेड हॉलीडे लिखे स्थान पर गोला बना दिया। आरोप है कि मेडिकल अफसर ने लौट कर आने पर इस पर एतराज जताते हुए बदजुबानी की। उन्होंने इसे नजरंदाज कर कस्बे की मलिन बस्ती में लगने वाले स्वास्थ्य कैंप में ड्यूटी पर जाने को कहा। इस पर उन्होंने मना कर दिया।
बताया कि वे चैंबर में बैठे थे। सुबह करीब 10 बजे डॉ. अमित अपने पिता अशोक चौरसिया को लेकर आ गए और गाली गलौच शुरू कर दी। विरोध करने पर हाथापाई और मारपीट करने लगे। शोर मचाने पर जब अस्पताल कर्मी दौड़े तो दोनों धमकी देते हुए भाग गए। इससे खफा कर्मियों ने दोपहर 11 बजे से अस्पताल का काम बंद कर दिया और मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे।
इस मामले की जानकारी पर इलाकाई जनता के साथ पुलिस मौके पर पहुंच गई। एमओआईसी ने बताया कि उन्होंने नामजद तहरीर पुलिस को दे दी है। इस मामले में एसओ विनोद कुमार सिंह का कहना है कि एमओआईसी से मारपीट करने वालों की तलाश की जा रही है। रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।