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लेखा परीक्षा घोटाले में जांच अधिकारी नामित

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फतेहपुर। लेखा परीक्षा विभाग में हुए लाखों के घोटाले के मामले में शासन ने जांच बैठा दी है। मामला संज्ञान में आने के बाद शासन ने अपने स्तर से एक अधिकारी को पूरे प्रकरण की जांच के लिए नामित किया है। हालांकि जांच अभी शुरू नहीं हुई है। मामला शासन स्तर से संचालित होने के कारण इस खेल में शामिल लोग अभी से अपनी गोटें सेट करने में लग गए हैं।
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गौरतलब है कि जिला लेखा एवं परीक्षा विभाग के पूर्व प्रभारी अधिकारी राजीव रत्न मालवीय पर विभागीय खर्चों के नाम पर कई लाख का गबन करने का मामला हाल ही में उजागर हुआ था। पूरे प्रकरण की खबरें अमर उजाला ने अपने चौदह और पंद्रह अप्रैल के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की थी। अब इस मसले के तूल पकड़ने के बाद

इसमें शासन ने जांच के आदेश दिए हैं। शासन ने प्रकरण की पड़ताल के लिए अपर निदेशक पेंशन विभाग एडी शर्मा को जांच अधिकारी नामित किया गया है। इनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही प्रकरण में अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित होनी है। दरअसल तकरीबन पांच माह के कार्यकाल में पूर्व जिला लेखा एवं परीक्षा अधिकारी राजीव रत्न मालवीय ने सरकारी अभिलेखों की फोटोकापी, कार्यालय की मरम्मत और फर्नीचर एवं अपने आवागमन के भत्ते के
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नाम पर कई लाख की रकम का भुगतान अपने पक्ष में किया था। यही नहीं उन्होंने अपने से पहले के अधिकारियों के कार्यकाल के बिलों का भी भुगतान कर लिया था। पूरे प्रकरण को वर्तमान जिला लेखा एवं परीक्षा अधिकारी इंद्रप्रकाश सिंह ने उजागर किया था और इससे शासन को अवगत कराया था। मौजूदा समय में राजीवरत्न मालवीय की तैनाती उप मुख्य लेखा परीक्षा अधिकारी प्रयागराज के पद पर है। इसके अतिरिक्त उनके पास प्रयागराज मंडल

कार्यालय, जिला कार्यालय, कौशांबी, प्रतागढ़, मंडल कार्यालय बांदा और जिला कार्यालय बांदा का भी अतिरिक्त प्रभार है। शासन से नामित जांच अधिकारी का जल्द ही जिला मुख्यालय में आगमन संभावित है। वहीं इस मामले को उजागर करने वाले जिला लेखा परीक्षा अधिकारी इंद्रप्रकाश सिंह का कहना है कि आरोपी अधिकारी उनका तबादला कराने में लगे हैं ताकि प्रकरण का निपटारा अपने पक्ष में कराया जा सके।
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