फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साइड स्टोरी

विज्ञापन
विज्ञापन
खागा। कोतवाली क्षेत्र का रोशनपुर टेकारी गांव में बड़े भाई के हाथों छोटे भाई की हत्या की खबर से ग्रामीणों में सनसनी फैल गई। घटना के प्रत्यक्षदर्शी किसानों ने बताया कि हत्यारोपी युवक के सिर पर इस कदर खून सवार था कि वे छोटू को बचाने की हिम्मत भी नहीं जुटा सके। ग्रामीणों ने बताया कि छोटू अपने बड़े भाई से जान की भीख मांग रहा था, लेकिन उसने एक न सुनी। ग्रामीणों के मुताबिक भाइयों में विवाद की कोई बड़ी वजह नहीं थी। हत्यारोपी बड़े भाई को नशेबाजी की लत ने कहीं का नहीं छोड़ा। ग्रामीण आरोपी भाई को छोटे भाई की हत्या कर उसका परिवार बर्बाद कर देने पर कोस रहे हैं।
विज्ञापन



रोशनपुर टेकारी गांव के रामबाबू साहू पिछले 15 साल से लापता हैं। उनके गायब होने के बाद छोटे बेटा अनिल साहू उर्फ छोटे खेतीबाड़ी कर परिवार की देखभाल करता था। उसकी तीन साल पहले सवंत के मजरे चांदपुर निवासी बुद्दा की बेटी पूनम देवी से शादी हुई थी। शादी के डेढ़ साल बाद बेटी दुर्गा का जन्म हुआ। इन दिनों पूनम चार माह की गर्भवती है। मासूम दुर्गा को इस उम्र में उसे पिता की मौत का अहसास होने का सवाल नहीं उठता।

उसे मां से दूर लेकर लोग बहलाते दिखे। परिवार में पांच बहनें रेखा, सीता, मोनी, सोनी, अंजलि हैं। अनिल ने पांच में दो छोटी बहनों की शादी अपनी मेहनत की कमाई से की थी। वहीं बड़े भाई सुनील से खेती के कामकाज मेंहाथ बंटाने को कहता था। कोतवाल सुरेश चंद्र ओमहरे ने बताया कि पूछताछ में हत्यारोपी ने कबूला है कि छोटे भाई से काम के बदले में रुपये मांगता था। फसल की कमाई में भी हिस्सा नहीं मिलता था। बड़े होने के बाद भी उसकी शादी नहीं हो सकी। आरोपी यह सब बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था। नशे में आरोपी ने सुबह विवाद के बाद आवेश में आकर घटना की।
विज्ञापन


इधर, घटना के वक्त खेत में मौजूद प्रत्यक्षदर्शी प्रेमावती ने बताया कि वह अनिल के खेत में धान की पौध लगाने गई थी। अनिल अपने बड़े भाई से न मारो न मारो कहकर चीख चिल्ला रहा था। लेकिन बड़े भाई ने रहम नहीं किया। उसके सिर में खून सवार था। जान जाने तक फावड़े से हमला करता रहा। वह भागकर अनिल के परिवार को बुलाने गई थी। भीड़ के साथ लौटी तो सब कुछ खत्म हो चुका था। घटनास्थल की छानबीन को एसपी राहुल राज, एएसपी पूजा यादव व सीओ श्रीपाल यादव पहुंचे।
विज्ञापन


बड़े भाई से जान की भीख मांगता रहा छोटू
प्रत्यक्षदर्शी जान बचाने की हिम्मत नहीं जुटा सके
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें