अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। परिवार से झगड़ने के बाद ट्रक ड्राइवर ने खुद को लहूलुहान कर लिया। बेहोशी का नाटक करने पर अस्पताल कर्मी ने चांटा मार दिया तो उसने ट्रामा सेंटर में उत्पात किया। दरोगा और सिपाही समेत अस्पताल कर्मियों को काबू करने में पसीने छूट गए। करीब पौन घंटे बाद किसी तरह समझाकर शांत किया गया।
मलवां थाना क्षेत्र व कस्बा निवासी लखपति निशक्त हैं। घर के ही एक हिस्से में परचून की दुकान है। बड़ा बेटा अमित शुक्ला ट्रक चालक है। दो माह से घर में रह रहा है। छोटे भाई सुमित ने बताया कि शनिवार की दोपहर अमित का एक दोस्त आया। उसके साथ अमित शराब पीकर लौटा।
कस्बे की एक दुकान पर मोबाइल बनवाने पहुंचे। वहां दो सौ रुपये का खर्च बताया गया। अमित ने रुपये मांगे तो पिता ने मना कर दिया। इस पर अमित अपना सिर दीवार में टकराने लगा और भागकर हाईवे पर पहुंच गया। वह भी पीछे दौड़कर पहुंचा। वहां डिवाइडर में सिर पटक-पटक कर खुद को अमित ने लहूलुहान लिया।
इसके बाद थाने पहुंचते ही बेहोश हो गया। एसओ अनूप सिंह ने उसे एक दरोगा, सिपाही, होमगार्ड और दो चौकीदारों के साथ जिला अस्पताल मेडिकल कराने भेजा। डाक्टरों ने इलाज शुरू किया तो हाथ पैर झटकने लगा। किसी तरह इलाज किया। अचानक बेहोशी का नाटक करने लगा।
उसे होश में लाने के लिए एक कर्मचारी ने गाल पर चांटा मार दिया। इस पर अमित अस्पताल में हंगामा करने लगा। इमरजेंसी से भागकर बाहर आ गया। दरोगा और सिपाही पीछे दौड़े। पुलिस कर्मियों को गालियां देने लगा। पीछे के हिस्से में खिड़की खुली देखकर कूदने लगा। उसे किसी तरह पकड़ा गया तो गेट की ओर भागा। इस दौरान पुलिस कर्मियों से हाथापाई भी हुई।
मेडिकल कार्रवाई के लिए किसी तरह राजी हुआ तो अंगूठा निशान लगाने से मना कर दिया। मान मनौव्वल के बाद मेडिकल की कार्रवाई पूरी हो सकी। एसओ अनूप सिंह का कहना है कि अमित को नशे में उत्पात करने और शांति भंग करने के आरोप में जेल भेजा है।
16- खिड़की से कूदने पर ड्राइवर को पकड़ती पुलिस।
17- दरोगा से नोकझोंक करता ड्राइवर।
ट्रक चालक ने ट्रामा सेंटर में किया हंगामा
हाईवे के डिवाइडर पर सिर पटक कर खुद को कर लिया लहूलुहान
बेहोशी का नाटक करने पर अस्पताल कर्मी के चांटा मारने पर हुआ खफा