फतेहपुर। शहर में संचालित चिटफंड कंपनी जिले के करीब दो सौ लोगों का करीब 45 लाख रुपये लेकर लापता हो गई। कंपनी के निवेशकों ने कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
शहर के पत्थरकटा चौराहे पर कल्पयुग एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी नाम की चिटफंड कंपनी 20 जून 2016 को खुली थी। कंपनी के कई एजेंट करीब दो साल से निवेशकों को अलग-अलग स्कीमों के तहत धन के निवेश का सुझाव देकर रकम जमा करा रहे थे। करीब छह माह से आरडी (रिकरिंग डिपॉजिट), एफडी (फिक्सड डिपॉजिट) की
मेच्युरिटी पूरी होने पर निवेशक रकम मांगने लगे। रकम वापसी के लिए कंपनी के अधिकारी उन्हें लगातार टरका रहे थे। कुछ दिनों से यहां ताला बंद है। निवेशकों का दबाव बढ़ने पर कई एजेंट कानपुर के श्याम नगर पीएसी रोड
सुजानपुर दहेली प्लाट नंबर सात में संचालित कंपनी के मुख्य कार्यालय पहुंचे। यहां भी ताले लटके मिलने पर निवेशकों व एजेंटों में हड़कंप मच गया। पीड़ित रचना दुबे, रेखा देवी, आरती, गौसिया, देशराज, चंद्र प्रकाश शुक्ला,
फूलमती समेत कई निवेशक गुरुवार को कोतवाली पहुंचे और तहरीर दी। पीड़ितों ने बताया कि करीब दो सौ लोग कंपनी से जुड़े है। इनकी 45 लाख से अधिक की रकम कंपनी के अधिकारियों ने हड़पी है। कंपनी के सीएमडी, डायरेक्टर इटावा के और सीईओ उन्नाव के हैं। इन लोगों ने लुभावने वादे मीटिंग में किए थे। कई एजेंट कंपनी में जुड़कर काम कर रहे थे। कोतवाल विनोद कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
फोटो संख्या एवं परिचय
34- चिटफंड कंपनी में फर्जीवाडे़ के खिलाफ कोतवाली पहुंचे निवेशक।
चिटफंड कंपनी में निवेशकों के 45 लाख डूबे
शहर और कानपुर स्थित कंपनी के मुख्यालय में निवेशकों को ताले लटकते मिले
कोतवाली में पहुंचे निवेशक, पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई का दिया आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो