फतेहपुर। इंजीनियर की दिनदहाड़े हत्या ने जिले की कानून व्यवस्था को खुली चुनौती दी है। एसपी ने खुलासे के लिए तीन टीमों का गठन किया है। कई थानों की फोर्स को पड़ोसी जिलों में रवाना किया गया है। पुराने अपराधी, शूटर की तलाश चालू कराई है।
थरियांव हाईवे आमापुर के पास रोडवेज का रोड होल्डप, शहर कोतवाली क्षेत्र में शराब दुकान में कट्टा दिखाकर लूटकांड को तीन दिन पहले अंजाम दिया गया। दोनों मामले काफी गंभीर हैं। पुलिस लुटेरों की धरपकड़ में नाकाम है। इसी क्रम में हाईवे से एक किलोमीटर लिंक मार्ग पर मंगलवार को इंजीनियर हत्याकांड हुआ। हत्याकांड के
करीब आधे घंटे बाद पुलिस को भनक लगी। जबकि घटनास्थल से हाईवे की ओर लुटेरे भागे। लुटेरे जिस ओर भागे रास्ते में एक चौकी और दूसरा थाना पड़ता है। कहीं न कहीं पुलिस का तंत्र कमजोर साबित हुआ। पुलिस को सही समय जानकारी नहीं मिल सकीम। हाईवे की ओर भागे बदमाशों की ऐन मौके पर नाकेबंदी कर तलाश की
जाती तो शायद कोई सुराग मिलते। मामला हाई प्रोफाइल होने से एसपी कैलाश सिंह और एएसपी पूजा यादव दोपहर को मौके पर पहुंचे थे। हालांकि करीब रात करीब 12 बजे तक थाने में बैठे रहे। इंजीनियर कमरे में सुराग तलाशे गए हैं। हालांकि रात तक पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। एसपी ने थानेदार संतोष शर्मा, पीआरओ धीरेंद्र सिंह, स्वॉट प्रभारी अमित पांडेय, सर्विलांस टीम का गठन किया है।
घटना के वक्त इंजीनियर अजय कुमार के साथ इंजीनियर अब्दुल, रमन भी साथ थे। पुलिस की पूछताछ में साथी इंजीनियरों बताया कि घटना के वक्त वह अजय की बगल वाली सीट पर थे। बीच रोड पर बाइक सवार हमलावरों को देखकर चालक ने गाड़ी रोक दी थी और उतर गया था। मारपीट देखकर अजय चालक सीट की खिड़की बंद करने लगे। उन लोगों ने सोचा था कि चालक महेंद्र स्थानीय है। उसका व्यक्तिगत विवाद होगा। खिड़की बंद करते समय ही अजय को गोली मार दी गई थी। उन पर लाठी-डंडे से हमला हुआ। वह अपनी जान बचाने को वाहन से उतरकर भागे थे।
कंपनी के प्लांट में नहीं रोका गया काम
हसवा। इंजीनियर की हत्या के बाद साथी इंजीनियरों ने डेडीकेटेड फ्रेट कोरीडोर के एकारी प्लांट का काम बंद किए जाने की चेतावनी दी थी। हालांकि दूसरे दिन काम कहीं प्रभावित नहीं दिखाई पड़ा। प्लांट और फील्ड में काम चालू रहा।
फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद थाने के रामनगर निवासी अजय कुमार की एकारी रेलवे प्लांट की ओर जाते समय रास्ते में मंगलवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद कोरीडोर के टीम लीडर पनोज अमरीकैन प्रयागराज से पहुंचे थे। उन्होंने एडीजी से संपर्क कर हमलावरों को जल्द पकड़ने की मांग की थी।
जीएमआर चीफ प्रोजक्ट मैनेजर श्रीकृष्णा कानपुर रमईपुर मुख्यालय से पहुंचे। दरअसल इंजीनियर की हत्या से साथी इंजीनियरों में नाराजगी है। उन्होंने सीएम से शिकायत कर काम बंद करने की चेतावनी दी थी। हालांकि इंजीनियरों ने बुधवार को किसी तरह से काम प्रभावित नहीं किया। इंजीनियरों ने बताया कि ब्रिज समेत कई निर्माण कार्यों का सत्यापन की जिम्मेदारी उनकी होती है। मानक के विपरीत पचास प्रतिशत से अधिक काम होते हैं। उन कामों पर रोक लगाई जाती है।
बाएं साइड खोपड़ी की हड्डी में फंसी थी गोली
फतेहपुर। इंजीनियर की हत्या में गोली सटीक टारगेट में मारी गई थी। एक ही गोली में इंजीनियर की मौत हो गई। जिससे शार्प शूटर के गोली चलाने का अंदाजा लगाया जा रहा है। वहीं देर रात एफआईआर के बाद पूरी रात पोस्टमार्टम प्रक्रिया चली। परिवार भोर पहर शव लेकर फिरोजाबाद के शिकोहाबाद थाने के रामनगर को रवाना हुआ है।
इंजीनियर अजय कुमार के शव का पुलिस ने रात करीब साढ़े 12 बजे पंचनामा भरा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने डीएम संजीव कुमार से रात को पोस्टमार्टम कराने की अनुमति मांगी। डीएम के आदेश पर पोस्टमार्टम प्रभारी आनंद सिंह पहुंचे। सीएमओ के गठित पैनल डाक्टर अजय कुमार, डाक्टर आलोक कुमार पहुंचे।
डाक्टरों ने शव का रात दो बजे परीक्षण किया। उसके बाद एक्सरे को शव भेजा। जिला अस्पताल में एक्सरे के बाद दुबारा शव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा। करीब तीन बजे पोस्टमार्टम चालू किया गया। पोस्टमार्टम में गोली खोजने में पुलिस को डेढ़ घंटे लग गए। गोली खोपड़ी में बाएं ओर पीछे की हड्डी में फंसी मिली। गोली बाएं आंख के बगल से घुसी थी। पीछे की ओर कनपटी के हिस्से को चीरते हुए पहुंची।
पूर्वांचल की आबोहवा दोआबा में दिखी
दस्यु प्रभावित रहे जिले में पहली बार मानी जा रही घटना
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। दस्यु प्रभावित रहे गंगा यमुना के दोआबा क्षेत्र में हाई प्रोफाइल इंजीनियर हत्याकांड प्रशासन के सामने कई सवाल खड़े कर रहा है। दो दशक पहले दस्यु सरगनाओं की चहलकदमी के समय भी ऐसा घटनाएं सामने नहीं आई थीं। सूत्रों का कहना है कि अक्सर अक्सर पूर्वांचल क्षेत्र में निर्माण कार्यों से जुड़े अधिकारियों की इसी अंदाज में हत्या जैसे मामले आते रहे हैं।
वारदात में बड़े स्तर का दखल मानकर पुलिस ने जांच शुरू की है। दिल्ली-हावड़ा रूट पर डेडीकेटिड फ्रेट कोरीडोर के ट्रैक निर्माण में कई कंपनियों का संयुक्त रूप से काम चल रहा है। बता दें रेलवे साइट जाते समय थरियांव थाने के एकारी गांव के समीप इंजीनियर अजय कुमार की बाइक सवारों ने मंगलवार सुबह नौ बजे हत्या कर दी थी। जीएमआर, जीपीटी, एलएनटी कंपनी ने बड़े ठेकेदारों को काम रखा है। सिस्ट्रा कंपनी के तहत अजय कुमार को पर्यवेक्षण कार्य करते थे। इंजीनियर बाकी कंपनियों के ठेकेदारों के कराए कामों का निरीक्षण कर गुणवत्ता के आधार पर ही काम को हरी झंडी दिखाते थे। परिवार ने भी ठेकेदारों से खुन्नस होने का आरोप लगाया है। ठेकेदार अलग-अलग स्तर के हैं। लाखों से लेकर अरबों की लागत वाले काम ठेकेदार करा रहे हैं। बड़ी ठेकेदारी में दबंगई, गोलीबारी, हत्या, अपहरण जैसे अपराधों के बारे में पूर्वांचल चर्चित रहा है। दोआबा अक्सर हत्या, सराफ कारोबारियों की हत्या, लूट, डकैती, रोड होल्डप के अपराधों तक ही सीमित रहा है। लोगों में चर्चा है कि अब पूर्वांचल अंदाज की घटनाओं ने दस्तक दी है। पुलिस ने एकारी मार्ग, प्लांट के अधिकारियों, ठेकेदारों से मुलाकात की। उनसे इंजीनियर के बारे में पूछताछ का सिलसिला चालू किया गया है। थानेदार संतोष शर्मा ने बताया कि मामले की तफ्तीश की जा रही है।