अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। भ्रष्टाचार का वीडियो वायरल होने के बाद जिला अस्पताल के सर्जन डा. नरेश विशाल के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। हालांकि स्वास्थ्य महकमा ने वीडियो को ही संदिग्ध बताते हुए सर्जन को बचाने की कोशिश की थी लेकिन डीएम के सख्त आदेश के बाद रिपोर्ट दर्ज करनी पड़ी।
पिछले दिनों जिला अस्पताल में तैनात सर्जन नरेश विशाल के भ्रष्टाचार और इलाज में सुविधा शुल्क मांगने और उसे जिलाधिकारी तक पहुंचाए जाने का वीडियो वायरल हुआ था। जिलाधिकारी कुमार प्रशांत ने नाराजगी जताते हुए सीएमओ और सीएमएस दोनों को डाक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे।
अस्पताल प्रशासन ने डा. नरेश विशाल पर मुकदमा दर्ज कराने के बजाय वीडियो को ही संदिग्ध की श्रेणी में रखा। अस्पताल प्रशासन की एक तहरीर कोतवाली में दी गई थी जिसमें एक संदिग्ध वीडियो के सोशल मीडिया में वायरल होने की बात कही गई। डीएम के इस प्रकरण में सख्त रुख होने की वजह से सदर कोतवाली में डॉक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, आईटी एक्ट, दूसरे पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज हो गया है।
कोतवाल आरके सिंह ने बताया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आईटी एक्ट अधिनियम के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की गई है।