फतेहपुर। बीडीओ विजयीपुर की रिश्वतखोरी के प्रति विरोध कर रहे ग्राम प्रधानों के मामले में नया मोड़ आ गया है। प्रकरण में बीडीओ विजयीपुर गोपीनाथ पाठक ने अपने खिलाफ आवाज उठा रहे ग्राम प्रधान पहाड़पुर मदन सिंह और ग्राम विकास अधिकारी दिनेश श्रीवास्तव के विरुद्ध एफआईआर करा दी है। बीडीओ ने किशनपुर थाने में तहरीर देकर पुलिस ग्राम प्रधान पर सरकारी धनराशि का गबन करने का आरोप लगाया है।
बीडीओ की तहरीर पर किशनपुर थाना पुलिस ने प्रधान मदन सिंह और विकास अधिकारी दिनेश श्रीवास्तव के विरुद्ध जालसाजी, कूटनीति, गबन और भ्रष्टाचार के मामले की सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। गौरतलब हो कि बीडीओ के विरोध में विजयीपुर ब्लाक के पंद्रह ग्राम प्रधानों ने मोर्चा खोल रखा था। प्रधानों ने
जिला प्रशासन से बीडीओ की शिकायत करते हुए उन पर प्रति आवास दस हजार रुपये, प्रति सफाई कर्मी पांच सौ रुपये महीने और राज्य वित्त के कामों में नियमित कमीशन मांगने का आरोप लगाया था। प्रधानों ने बीडीओ के रिश्वत लेने में रंगे हाथों पकड़े जाने से लेकर उनके दो माह तक जेल में रहने के साक्ष्य भी सार्वजनिक कर दिए थे। इस मामले को लेकर विगत एक माह से प्रधानों और बीडीओ के बीच खींचतान चल रही थी। इस मामले में प्रधानों का
नेतृत्व कर रहे ग्राम प्रधान पहाड़पुर मदन सिंह के विरुद्ध बीडीओ गोपीनाथ पाठक ने एफआईआर करा दी है। बीडीओ ने अपनी तहरीर में बताया कि प्रधान और विकास अधिकारी ने लाभार्थियों के खाते में जाने वाली पांच लाख से अधिक की धनराशि को व्यक्तिगत खाते में ट्रांसफर कर लिया है। थानाध्यक्ष किशनपुर हेमराज सरोज ने
बताया कि खंड विकास अधिकारी की तहरीर पर ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी के विरुद्ध एफआईआर लिख ली गई है। हालांकि तहरीर में यह नहीं बताया गया है कि गबन किस योजना के तहत किया गया है। वहीं इस प्रकरण में ग्राम प्रधान मदन सिंह ने बताया कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के चलते साजिशन फंसाया जा रहा है। जब भ्रष्टाचार की जांच ही अभी तक पूरी नहीं हुई तो जांच रिपोर्ट आने से पहले कैसे पता चल गया कि भ्रष्टाचार हुआ है। बीडीओ की पोल खोलने की वजह से मुझे दंडित किया जा रहा है।
प्रधान के खिलाफ एफआईआर दर्ज
- पांच लाख से अधिक के गबन का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो