हसवा। दुष्कर्म के बाद महिला को मार डालने की कोशिश के मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आ रही है। पुलिस ने करीब 30 घंटे बाद गुरुवार दोपहर पीड़िता का मेडिकल कराने की प्रक्रिया चालू की। जबकि, घटना के बाद से ही महिला जिला अस्पताल में भर्ती है। पुलिस अभी तक आरोपी का सुराग नहीं लगा सकी है।
थरियांव थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली ग्राम पंचायत सदस्य 35 वर्षीय महिला बुधवार भोर पहर खेत गई थी। जहां महिला के साथ गांव के आनंद लोधी ने दुष्कर्म किया था। विरोध करने पर महिला पर ईंट से हमला किया और गला दबाकर मारने की कोशिश की थी। महिला को लहूलुहान हालत में ग्रामीण घर लेकर आए थे। उसके बाद जिला अस्पताल ले गए थे। पुलिस पहले दुष्कर्म की बात से इन्कार कर रही थी।
बाद में महिला की ओर से दुष्कर्म की तहरीर दी गई। इसके बाद पुलिस सक्रिय हुई। महिला के परिजन ने बताया कि पुलिस ने घटना के करीब 30 घंटे बाद गुरुवार को मेडिकल परीक्षण कराया है। पुलिस को रिपोर्ट में गला दबाने की बात लिखकर दी गई थी। गले में चोट भी आई है। इसके बावजूद पुुलिस ने मामूली चोट की धारा एफआईआर में लगाई है।
थानाध्यक्ष आशुतोष सिंह ने बताया कि मेडिकल परीक्षण की कार्रवाई में पुलिस को समय लगता है। सीओ दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि विवेचक से देरी के संबंध में पूछताछ की जाएगी।